यातायात संबंधी वायु प्रदूषण से दिमागी विकास पर पड़ सकता है असर
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प्रदूषण के कारण तमाम तरह के विकार की खबरों के बीच एक ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि ट्रैफिक जाम के दौरान वायु प्रदूषण से बच्चे के कम उम्र में दिमागी विकास प्रभावित हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका प्रभाव बच्चे के 12 साल की उम्र तक रह सकता है। यातायात संबंधी प्रदूषण के प्रभाव का पता सिनसिनाटी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में अध्ययन के दौरान चला। अध्ययन में कहा गया है कि ट्रैफिक के धुएं से गंभीर रूप से कम उम्र में प्रभावित बच्चों के मस्तिष्क का विकास 12 वर्ष तक प्रभावित होता रहता है।
शोधकर्ता ट्रैविस बेकविथ ने बताया कि इस अध्ययन का हालांकि यह शुरुआती परिणाम है। इसमें कहा गया है कि आप ऐसे वातावरण में रहते हैं और जिस तरह की हवा में सांस लेते हैं, वह आपके दिमागी विकास को प्रभावित कर सकता है। हालांकि अपक्षयी रोग के मुकाबले इसमें काफी कम नुकसान होता है, फिर भी यह बहुत सारे शारीरिक और मानसिक प्रक्रियाओं के विकास को प्रभावित कर सकता है। मस्तिष्क देखने और सुनने वाला दिमाग का वह हिस्सा है, जो संवेदी और यांत्रिक नियंत्रण करता है।
12 साल की आयु के 147 बच्चों पर हुआ शोध
डा. बेकविथ ने कहा, ट्रैफिक संबंधी वायु प्रदूषण यदि शुरुआती जीवन में दिमागी विकास को अपरिवर्तनीय नुकसान पहुंचाता है, तो परिणाम घातक हो सकता है और कितने भी समय और जांच के बात तक जारी रह सकता है। शोधकर्ताओं ने 12 साल के 147 बच्चों पर शोध किया, जो पीएलओएस वन में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है।