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2018 में चीन का अमेरिका के साथ बढ़ा व्यापार अधिशेष, ट्रेड वार से हुआ नुकसान
Mon, 14 Jan 2019 02:29 PM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 14 Jan 2019 02:29 PM IST
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शी जिनपिंग-डोनाल्ड ट्रंप
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चीन का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष 2018 में बढ़ा है। लेकिन सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश के आयात और निर्यात में दिसंबर में गिरावट आयी है। इसकी वजह दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार संबंधी तनाव बना रहना है जिसका असर दूनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की सेहत पर पड़ना शुरू हो गया है। अमेरिका के साथ चीन का व्यापार अधिशेष बढ़ना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार के भीतर पहले से ही गुस्से का एक बड़ा कारण है।
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ट्रंप ने चीन के अरबों डॉलर के निर्यात पर शुल्क लगाया है और आगे इसे और बढ़ाने की भी चेतावनी दी है। सीमाशुल्क के आंकड़े दिखाते हैं कि शुल्क लगाए जाने के बावजूद चीन से अमेरिका को किया जाने वाला निर्यात 11.3 प्रतिशत जबकि वहां से होने वाला आयात 0.7 प्रतिशत बढ़ा है। इससे चीन का व्यापार अधिशेष बढ़कर 323.3 अरब डॉलर हो गया जो 2017 में 275.8 अरब डॉलर था।
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हालांकि आंकड़े दिखाते हैं कि अमेरिका के शुल्क लगाए जाने का असर चीन के निर्यात पर पड़ा है। दिसंबर में चीन का अमेरिका को होने वाला निर्यात घटा है। पिछले हफ्ते ही बीजिंग में अमेरिका के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने व्यापार तनावों को कम करने की दिशा में पहली बैठक की थी। उसके बाद यह आंकड़े जारी किए गए हैं।
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उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिसंबर में व्यापार संबंधों से जुड़े मुद्दों का समाधान 90 दिन के भीतर करने पर सहमति जतायी थी। ट्रंप चाहते हैं कि चीन अमेरिका से ज्यादा आयात करे, विदेशी कंपनियों को अपने यहां आने की इजाजत और संरक्षण दे ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार अंतर को कम किया जा सके।