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Shashi Tharoor: 'इस पद का कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं', UNSC में पाकिस्तान को जिम्मेदारी मिलने पर बोले थरूर
Fri, 06 Jun 2025 10:11 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 06 Jun 2025 10:11 AM IST
सार
पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और आतंकवाद रोधी समिति (1373 काउंटर टेररिज्म कमेटी) का उपाध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आधा दर्जन आतंकवाद-रोधी समितियां हैं। परिषद के सदस्य बारी-बारी से ऐसी समितियों की अध्यक्षता करते हैं।
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शशि थरूर
- फोटो : ANI
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान को जिम्मेदारी मिलने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के कई मित्र हैं। पाकिस्तान का तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और आतंकवाद निरोधक समिति का उपाध्यक्ष बनने का कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं होगा। सभी समितियां आम सहमति पर काम करती हैं। किसी अध्यक्ष के लिए अकेले ही किसी ऐसी बात को पारित करवाना संभव नहीं है जिसका अन्य लोग विरोध करते हों या किसी ऐसी विशेष नीति को आगे बढ़ाना जिसका अन्य देश समर्थन नहीं करते हों।
कांग्रेस नेता शशि थरूर इन दिनों अमेरिका में हैं। वह सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने भारतीय दूतावास में थिंक टैंकरों और युवा पेशेवरों के साथ बातचीत में थरूर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आधा दर्जन आतंकवाद-रोधी समितियां हैं। परिषद के सदस्य बारी-बारी से ऐसी समितियों की अध्यक्षता करते हैं। जब तक पाकिस्तान सुरक्षा परिषद में है, तब तक इस तरह का विशेषाधिकार उन्हें मिल सकता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी मिशन पाकिस्तान की हरकतों की सावधानीपूर्वक निगरानी करेगा।
ये भी पढ़ें: 'भारत-पाकिस्तान टकराव में चीन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता', अमेरिका में बोले थरूर
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थरूर ने कहा कि तालिबान समिति को इन लोगों ने बनाया है। मुझे नहीं पता कि इस बारे में अफगानों की क्या भावनाएं हैं, लेकिन सब समझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों को परिषद की मासिक अध्यक्षता मिलती है। यह बिलकुल सरल है। इनमें से कई पद रोटेशनल हैं। संयुक्त राष्ट्र की कई संस्थाएं और समितियां हैं। इसलिए किसी को अतिशयोक्ति नहीं करनी चाहिए, परिषद के सभी सदस्य स्वचालित रूप से इन सभी समितियों के सदस्य होते हैं और अध्यक्षता रोटेशनल होती है।
सुरक्षा परिषद में कई सारी समितियां
शशि थरूर ने कहा कि सुरक्षा परिषद की विभिन्न समितियां हैं। जैसे कि संकल्प 1540 के अनुसार एक समिति गैर-राज्यीय तत्वों को परमाणु हथियार प्राप्त करने, विकसित करने या उनका उपयोग करने से रोकने से संबंधित है। यह सचमुच हास्यास्पद होता यदि पाकिस्तान को वह विशेष अध्यक्षता दी गई होती, लेकिन कम से कम सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समितियां आम सहमति पर काम करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई तरीका नहीं है कि अध्यक्ष, चाहे वह कोई भी हो, केवल अध्यक्ष होने के आधार पर किसी विशेष दृष्टिकोण को स्वीकार या अस्वीकार कर सके।
हम संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय नहीं गए
कांग्रेस सांसद थरूर ने बताया कि हमारा प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय नहीं गया। हमारे लिए, यह उन देशों के साथ द्विपक्षीय अभ्यासों की एक श्रृंखला है, जिनके बारे में हमारा मानना है कि उन्हें हमारे दृष्टिकोण के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है और यह मिशन सफल रहा है।
ये भी पढ़ें: 'स्पेसएक्स बंद करेगा ड्रैगन अंतरिक्ष यान', टेस्ला के अनुबंधों में कटौती की ट्रंप की धमकी पर मस्क का एलान
पाकिस्तान को बनाया गया है तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष
पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गुयाना और रूस इस समिति के उपाध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे। यह समिति उन व्यक्तियों, समूहों और संस्थाओं की आर्थिक संपत्ति फ्रीज करने, यात्रा और हथियारों पर प्रतिबंध लगाने जैसे फैसले लेती है, जो अफगानिस्तान की शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा माने जाते हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान को आतंकवाद रोधी समिति (1373 काउंटर टेररिज्म कमेटी) का उपाध्यक्ष भी बनाया गया है। अल्जीरिया को आतंकवाद रोधी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। फ्रांस और रूस को पाकिस्तान के साथ कमेटी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। आतंकवाद रोधी समिति के पास खुद से सजा देने या कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है, लेकिन यह सदस्य देशों की गतिविधियों की निगरानी करती है और उन्हें सुझाव देती है कि वे आतंकवाद के खिलाफ क्या कदम उठाएं।
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कांग्रेस नेता शशि थरूर इन दिनों अमेरिका में हैं। वह सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने भारतीय दूतावास में थिंक टैंकरों और युवा पेशेवरों के साथ बातचीत में थरूर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आधा दर्जन आतंकवाद-रोधी समितियां हैं। परिषद के सदस्य बारी-बारी से ऐसी समितियों की अध्यक्षता करते हैं। जब तक पाकिस्तान सुरक्षा परिषद में है, तब तक इस तरह का विशेषाधिकार उन्हें मिल सकता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी मिशन पाकिस्तान की हरकतों की सावधानीपूर्वक निगरानी करेगा।
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थरूर ने कहा कि तालिबान समिति को इन लोगों ने बनाया है। मुझे नहीं पता कि इस बारे में अफगानों की क्या भावनाएं हैं, लेकिन सब समझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों को परिषद की मासिक अध्यक्षता मिलती है। यह बिलकुल सरल है। इनमें से कई पद रोटेशनल हैं। संयुक्त राष्ट्र की कई संस्थाएं और समितियां हैं। इसलिए किसी को अतिशयोक्ति नहीं करनी चाहिए, परिषद के सभी सदस्य स्वचालित रूप से इन सभी समितियों के सदस्य होते हैं और अध्यक्षता रोटेशनल होती है।
सुरक्षा परिषद में कई सारी समितियां
शशि थरूर ने कहा कि सुरक्षा परिषद की विभिन्न समितियां हैं। जैसे कि संकल्प 1540 के अनुसार एक समिति गैर-राज्यीय तत्वों को परमाणु हथियार प्राप्त करने, विकसित करने या उनका उपयोग करने से रोकने से संबंधित है। यह सचमुच हास्यास्पद होता यदि पाकिस्तान को वह विशेष अध्यक्षता दी गई होती, लेकिन कम से कम सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समितियां आम सहमति पर काम करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई तरीका नहीं है कि अध्यक्ष, चाहे वह कोई भी हो, केवल अध्यक्ष होने के आधार पर किसी विशेष दृष्टिकोण को स्वीकार या अस्वीकार कर सके।
हम संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय नहीं गए
कांग्रेस सांसद थरूर ने बताया कि हमारा प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय नहीं गया। हमारे लिए, यह उन देशों के साथ द्विपक्षीय अभ्यासों की एक श्रृंखला है, जिनके बारे में हमारा मानना है कि उन्हें हमारे दृष्टिकोण के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है और यह मिशन सफल रहा है।
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पाकिस्तान को बनाया गया है तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष
पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गुयाना और रूस इस समिति के उपाध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे। यह समिति उन व्यक्तियों, समूहों और संस्थाओं की आर्थिक संपत्ति फ्रीज करने, यात्रा और हथियारों पर प्रतिबंध लगाने जैसे फैसले लेती है, जो अफगानिस्तान की शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा माने जाते हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान को आतंकवाद रोधी समिति (1373 काउंटर टेररिज्म कमेटी) का उपाध्यक्ष भी बनाया गया है। अल्जीरिया को आतंकवाद रोधी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। फ्रांस और रूस को पाकिस्तान के साथ कमेटी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। आतंकवाद रोधी समिति के पास खुद से सजा देने या कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है, लेकिन यह सदस्य देशों की गतिविधियों की निगरानी करती है और उन्हें सुझाव देती है कि वे आतंकवाद के खिलाफ क्या कदम उठाएं।
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