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Hindi News ›   World ›   Think Tank Forum says, India-China must cooperate to make the Asian century a reality

एशियाई सदी साकार करने के लिए सहयोग करें भारत-चीन : थिंक टैंक फोरम

Sun, 01 Dec 2019 12:48 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 01 Dec 2019 12:48 AM IST
सार

  • दोनों देशों के राजनयिकों ने जताई सहमति, कहा- द्विपक्षीय संबंध हों मजबूत
  • पीएम मोदी की मई 2015 में चीन यात्रा के दौरान हुई थी फोरम की स्थापना
  • दोनों देशों के बीच करीबी विकास साझेदारी बनाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा

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Think Tank Forum says, India-China must cooperate to make the Asian century a reality
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

भारत-चीन को क्षेत्रीय व वैश्विक स्तर पर सहयोग करना चाहिए और एशियाई सदी साकार करने के लिए बहुआयामी संबंधों को कायम रखना चाहिए। यहां शनिवार को संपन्न हुए चौथे भारत-चीन थिंक टैंक फोरम में दोनों देशों के राजनयिक इस बात पर सहमत हुए। 

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दोनों पक्षों ने सर्वसम्मति से विचार जाहिर किया कि दोनों देशों को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर करीबी सहयोग करना चाहिए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई 2015 में चीन यात्रा के दौरान थिंक टैंक फोरम की स्थापना की गई थी।
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फोरम का आयोजन इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) और चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज (सीएएसएस) ने संयुक्त रूप से किया। भारतीय दूतावास ने कहा कि ‘एशियाई सदी में भारत-चीन संबंध’ के तहत इस मंच ने दोनों देशों के बीच करीबी विकास साझेदारी बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर गहराई से चर्चा की। 
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बैठक ने दोनों देशों में परस्पर समझ बढ़ाने में योगदान दिया। बैठक में भाग लेने वालों ने इसके बारे में सर्वसम्मत विचार प्रकट किया कि पड़ोसी और तेज विकास करने वाले देश होने के नाते जरूरी है कि भारत और चीन, दोनों देश द्विपक्षीय रूप से क्षेत्रीय व वैश्विक स्तर पर सहयोग करेंगे। 


बैठक में हिस्सा लेने वाले 15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आईसीडब्ल्यूए के महानिदेशक टीसीए राघवन ने किया। चीन में नियुक्त भारत के उप राजदूत ए विमल ने कहा, हमें शोध कार्यों के लिये युवा विद्वानों की एक दूसरे देशों के शोध केंद्रों में संक्षिप्त यात्रा या तीन या छह महीने की इंटर्नशिप कराने पर विचार करना चाहिए।

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