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आतंकी साइबर हमलों से निपटने का अभ्यास, चीन समेत 8 देशों की तीसरी साझा कवायद
Sat, 14 Dec 2019 06:55 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 14 Dec 2019 06:55 PM IST
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आतंकवाद
- फोटो : Defence Aviation Post
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शंघाई सहयोग संगठन (एस.सी.ओ.) ने गत 12 दिसंबर से चीन में एक संयुक्त ऑनलाइन आतंकवाद विरोधी अभ्यास शुरू किया है। इसमें इस संगठन की आठ इकाइयों (देशों) के सक्षम अधिकारियों की जमात ने उभरते साइबर अपराध के माहौल के मद्देनजर ऑनलाइन आतंकवादी प्रचार का कड़ाई से रोकथाम करने के अभ्यास को प्रदर्शित किया।
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इस अभ्यास में आठ देशों के संबंधित अधिकारियों-विशेषज्ञों ने अपने अपने देश में जांच का काम शुरू किया, अपने यहां मौजूद आतंकियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी शुरू की, उनके सदस्यों की पहचान करने की कोशिशें की उनके ठिकाने खोजने का काम किया और फिर उसके बाद सब सदस्य देशों की साझा कार्रवाई के तहत उन आतंकियों का इस सभी देशों से हमेशा के लिए सफाया करने की गतिविधियों का अभ्यास प्रदर्शन किया।
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पूर्वी चीन के फूजियां प्रांत के शियामेन में हुए इस अभ्यास के दौरान एक ऐसा प्रतीकात्मक माहौल रचा गया जिसमें यह दिखाया गया कि एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन ने इंटरनेट, इन्सटैंट चैट-ग्रुप और सोशल मीडिया के जरिए एस.सी.ओ. के आठ सदस्य देशों के क्षेत्रों में आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद पर बरगलाने वाली सामग्री अपलोड करके नए सदस्यों की भर्ती करने और इस काम के लिए पैसा जुटाने, हथियार खरीदने के लिए जानकारी फैलाई है और उनकी आतंकी कार्रवाइयों को अंजाम देने की योजना के संकेत भी इसमें दिख रहे हैं।
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इसके चलते आतंकी हमले बढ़े हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। इस अभ्यास के दौरान साइबर आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञ कम्प्यूटरों के सामने बैठ कर तमाम तरह के साइबर-तकनीकी कदम उठाते हैं। हर सदस्य प्रांत के लिए एक-एक अलहदा कॉम्बैट जोन थी। अगर यह अभ्यास न होकर असल हालात होते तो ये आठों कॉम्बैट जोन परस्पर हजारों मील की दूरी (इन देशों की वास्तविक दूरी) पर होते हुए भी आपस में जानकारियों का आदान-प्रदान तत्काल, बिना किसी टाइम-लैग के कर रहे होते।
इस तरह का यह तीसरा अभ्यास है। इससे पहले अक्टूबर 2015 और दिसंबर 2017 में ऐसे अभ्यास हुए हैं। इस तीसरे अभ्यास की विशेषता यह है कि इसमें आतंकी प्रचार की खोजबीन, गहराई से और तेजी से उसकी पड़ताल से लेकर उन लोगों को चिन्हित करके उनतक पहुंचना भी शामिल है जिन्होंने इसे फैलाया है। एस.सी.ओ. की गतिविधियों के लिहाज से इस तीसरे चरण को शामिल करना काफी अहम है। साइबर हमलों के बदलते स्वरूप के मद्देनजर एस.सी.ओ. की क्षमताओं में इस विस्तार का काफी महत्व है।