चिंता: दक्षिणी ध्रुव पर ओजोन परत में उभरा अंटार्कटिक महाद्वीप के बराबर का छेद, जानें वैज्ञानिक क्यों बता रहे खतरा?
कॉपरनिकस के मुताबिक, पिछले हफ्ते लगातार बढ़ने के बाद अब ओजोन परत का यह छेद 1979 के बाद से उभरे 75 फीसदी ओजोन छेदों से बड़ा है। फिलहाल इसका क्षेत्रफल अंटार्कटिक से भी ज्यादा हो गया है।
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अंटार्कटिक पर हर साल क्यों होता है छेद?
🌐The 2021's #OzoneHole has evolved into a rather larger than usual one. How do you think it sizes up next to other recent years? Compare it side-by-side with our decades-long record
— Copernicus ECMWF (@CopernicusECMWF) September 16, 2021
More on how the #CopernicusAtmosphere Monitoring Service tracks #ozone➡️https://t.co/U1k51lHMyp pic.twitter.com/mF0EzYTWDC
41 साल पहले सामने आया था ओजोन परत कमजोर होने का मामला
ओजोन के छेद को सीधे तौर पर अंटार्किट के पोलर वोर्टेक्स से भी जोड़ कर देखा जाता है। यह वो ठंडी हवाएं होती हैं, जो पृथ्वी का चक्कर लगाती हैं। वसंत के अंत में जब समताप मंडल पर तापमान बढ़ने लगता है, तो ओजोन परत का यह छेद कम होना शुरू हो जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे पोलर वोर्टेक्स कमजोर पड़ता है और आखिर में खत्म हो जाता है। दिसंबर तक ओजोन परत वापस सामान्य स्तर पर लौट आती है।