{"_id":"6124a02e8ebc3e79b609e5d2","slug":"the-door-that-portray-islamic-tradition-ghazni-gate-abolished-by-taleban-in-province-ghazni","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफगानिस्तान संकट: नहीं रुक रहे तालिबानी हमले, आतंकियों ने अब तोड़ा विश्व प्रसिद्ध 'गजनी गेट'","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अफगानिस्तान संकट: नहीं रुक रहे तालिबानी हमले, आतंकियों ने अब तोड़ा विश्व प्रसिद्ध 'गजनी गेट'
Tue, 24 Aug 2021 01:01 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 24 Aug 2021 01:01 PM IST
सार
अफगानिस्तान में तालिबान का हमला लगातार जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन ने इस्लामी परंपरा को चित्रित करने वाला 'गजनी गेट' को भी ध्वस्त कर दिया है।
विज्ञापन
गजनी गेट हुआ तबाह
- फोटो : Twitter
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों का हमला लगातार जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन ने विश्व प्रसिद्ध 'गजनी गेट' को क्रेन की मदद से तोड़ दिया है। यह गेट इस्लामिक परंपरा और संस्कृति का प्रतीक था, लेकिन तालिबानियों को यह रास नहीं आया। गजनी प्रांत के गेट को तोड़ने का वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। बता दें कि इस गेट को पिछली अशरफ गनी सरकार ने बनाया था। ये गेट इस्लामी साम्राज्य की स्थापना की याद में बनाया गया था।
विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले तालिबानी आतंकियों ने बामियान में हजारा नेता अब्दुल अली मजारी की मूर्ति को भी तोड़ दिया था। बामियान वही जगह है जहां तालिबान ने 2001 में अपने तत्कालीन नेता मुल्ला मोहम्मद उमर के आदेश पर बुद्ध की मूर्तियों को उड़ा दिया था। अब्दुल अली मजारी अफगानिस्तान के हजारा अल्पसंख्यक, शियाओं के लिए एक प्रसिद्ध नेता थे। मजारी की 1996 में तालिबान आतंकियों ने ही खौफनाक ढंग से हत्या करने के बाद उनका शव गजनी में हेलिकॉप्टर से नीचे फेंक दिया था। बता दें कि बामियान वही जगह है, जहां 2001 में तत्कालीन तालिबान नेता मुल्ला मोहम्मद उमर के आदेश पर भगवान बुद्ध की सैकड़ों साल पुरानी मूर्तियों को तोप से उड़ा दिया गया था।
विज्ञापन
अफगानिस्तान में संकट की स्थिति
बता दें कि तालिबान के खौफ से उद्योग धंधे और बैंक बंद पड़े हैं। रोजगार खत्म हो रहे हैं। दैनिक उपभोग से जुड़ी वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों से लोग भूखे रहने को मजबूर हैं। लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं। कई लोग कहीं नहीं जा सकते। ऐसे लोगों को दो वक्त की रोटी और दवा जुटाना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि तालिबान को आए हुए सप्ताहभर हुआ है, लेकिन इतने दिनों में ही हालात बद से बदतर हो गए हैं।
विज्ञापन
The door that portray Islamic tradition, is abolished by Taleban in province Ghazni.#Ghazni#Afghanistan pic.twitter.com/CVadaXEalQ
— Ihtesham Afghan (@IhteshamAfghan) August 23, 2021