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दक्षिण एशिया में आतंकवाद : भारत और उसके पड़ोसी देशों में 22 साल में 1.40 लाख आतंकी हमले, पाकिस्तान-अफगानिस्तान के आंकड़े हैरान करने वाले

Tue, 26 Apr 2022 05:35 PM IST
हिमांशु मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद/नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद/नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 26 Apr 2022 05:35 PM IST
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सार
दक्षिण एशिया के देशों में आतंकवाद एक बड़ी समस्या है। खासतौर पर भारत में आंतकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं।
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Terrorism Supporting Countries Mostly People Died of These Countries in Terror Attacks Know Details in Hindi
आतंकी हमले। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिन के दौरे पर यहां पहुंचे। उन्होंने यहां पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले एक हफ्ते के अंदर तीन आतंकी हमले हुए। इसमें 11 आतंकी मारे गए तो एक जवान भी शहीद हो गया। 


ये पहली बार नहीं था, जब जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले हुए। ऐसा भी नहीं है कि केवल जम्मू कश्मीर या हिंदुस्तान में ही आतंकी हमले होते हैं। दक्षिण एशिया के देशों में ये बड़ी समस्या है। खासतौर पर भारत में आंतकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। आइए आंकड़ों से समझते हैं… 

 

22 साल में किस देश में कितने आतंकी हमले हुए?

आतंकी घटनाएं।
आतंकी घटनाएं। - फोटो : अमर उजाला
देश   आतंकी हमले
अफगानिस्तान   64.27 हजार
पाकिस्तान 29.81 हजार
भारत 23.57 हजार
श्रीलंका 14.480
नेपाल   7.135
बांग्लादेश 5,907
मालदीव 34
भूटान 28
(आंकड़े वर्ष 2000 से लेकर 19 अप्रैल 2022 तक के हैं।)
सोर्स : साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल

1.40 लाख हमले, 1.85 लाख दहशतगर्द हुए ढेर
भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, श्रीलंका, भूटान, नेपाल, मालदीप में वर्ष 2000 से लेकर 19 अप्रैल 2022 तक यानी 22 साल में कुल 1.40 लाख आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 1.85 लाख दहशतगर्द एनकाउंटर में ढेर हो गए। 73 हजार 688 लोग भी इन हमलों में बेमौत मारे गए। 

अब एक-एक करके देशों के हालत देख लीजिए

घाटी में आतंकवाद की टूटती कमर।
घाटी में आतंकवाद की टूटती कमर। - फोटो : अमर उजाला
भारत : 23 हजार हमले, 23 हजार आतंकी मारे गए
भारत में आतंकी घटनाओं के बारे में जानने के लिए हमने साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल यानी एसएटीपी को खंगाला। भारत में छह मार्च 2000 से लेकर 19 अप्रैल 2022 तक कुल 23 हजार 57 आतंकी हमले हुए। इनमें 14 हजार 98 आम नागरिक मारे गए, जबकि 7,392 सुरक्षाबल के जवान शहीद हुए। हालांकि, इस दौरान हमारे जवानों ने 23 हजार 472 आतंकवादियों को ढेर कर दिया। 
  • जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से आतंकी घटनाओं में कमी आई है। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटा। इसके पहले की 841 दिनों में 843 आतंकी घटनाएं हुई थीं। यानी, अनुच्छेद 370 हटने के पहले औसतन रोज एक आतंकी घटना होती थी। 370 हटने के बाद के 841 दिन में घाटी में केवल 496 आतंकी घटनाएं हुईं। इस लिहाज से घाटी में होने वाली आतंकी घटनाओं में करीब 42 फीसदी की कमी आई है। 
  • घाटी में पाकिस्तान की तरफ से आतंकवादियों की होने वाली घुसपैठ में भी कमी आई है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में 143 घुसपैठ की कोशिशें हुईं। 2019 में 141,  2020 में 51 तो 2021 में महज 32 घुसपैठ की कोशिशें हुईं।  इस साल जनवरी 2022 से लेकर 15 मार्च 2022 तक घुसपैठ की कोशिश के केवल सात मामले दर्ज हुए हैं। 

 

अफगानिस्तान में आतंकी हमला।
अफगानिस्तान में आतंकी हमला। - फोटो : अमर उजाला
अफगानिस्तान : 64.27 हजार हमले, 94 हजार 439 आतंकी मारे गए
22 साल में सबसे ज्यादा अफगानिस्तान में आतंकी हमले हुए। यहां वर्ष 2000 से लेकर 19 अप्रैल 2022 तक 64.27 हजार घटनाएं हुईं हैं। इनमें 94 हजार 439 आतंकी मारे गए। इस दौरान 14 हजार 290 सुरक्षाकर्मी और 24 हजार 163 आम नागरिकों की भी मौत हुई। इस दौरान 42 हजार 134 आतंकियों ने सरेंडर किया जबकि 7,881 दहशतगर्द पकड़े गए। 

पाकिस्तान : 29 हजार 813 हमले, इसमें 28 हजार लोग मारे गए
आतंकवादियों को सबसे ज्यादा संरक्षण देने वाला पाकिस्तान खुद भी आतंकी घटनाओं से बच नहीं पाया है। यहां पिछले 22 साल के अंदर 29 हजार 813 आतंकी घटनाएं हुईं हैं। इनमें 20 हजार 921 आम नागरिक और 7641 जवान मारे गए। एसएटीपी के मुताबिक, इस दौरान 33 हजार 562 आतंकवादी भी मारे गए हैं। 

पाकिस्तान में 9,930 आतंकियों ने सरेंडर किया, जबकि 60 हजार 840 को यहां की पुलिस और सेना ने गिरफ्तार किया। पाकिस्तान में 598 सुसाइड अटैक भी हुए हैं। मतलब आतंकवादी ने खुद को भीड़-भाड़ वाले इलाके में ब्लास्ट कर दिया। इसमें 14538 जवान और आम नागरिक मारे गए। 

बांग्लादेश में आतंकी हमला।
बांग्लादेश में आतंकी हमला। - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेश : 1533 घटनाएं हुईं, 783 लोग मारे गए
पाकिस्तान से अलग होकर बने बांग्लादेश में काफी कम आतंकी घटनाएं दर्ज हुई हैं। यहां वर्ष 2000 से लेकर अब तक यानी 19 अप्रैल 2022 तक केवल 1533 आतंकी घटनाएं हुई हैं। इसमें 783 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 78 सुरक्षाबलों के जवान भी मारे गए। सेना और पुलिस की कार्रवाई में 1,386 आतंकी भी ढेर हुए। यहां 2000 से लेकर 2021 तक 2035 आतंकियों ने सरेंडर किया, जबकि 43 हजार 294 दहशतगर्दों को गिरफ्तार किया गया। 12 सुसाइड अटैक की घटनाएं भी हुईं। इसमें 167 लोग मारे गए। 

श्रीलंका : 14 हजार हमले, 12 हजार 519 लोग मारे गए
आतंकवादियों ने श्रीलंका में भी खूब खूनी खेल खेला। यहां वर्ष 2000 से लेकर अब तक 14 हजार 480 आतंकी हमले हुए। इसमें 12 हजार 519 आम नागरिकों की मौत हुई, जबकि सुरक्षाबल के 5,516 जवान भी मारे गए। इस दौरान 22 हजार 259 आतंकवादी भी मारे गए। 

साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के मुताबिक, 22 साल में श्रीलंका में 10 हजार 261 आतंकियों ने सरेंडर किया, जबकि 2,581 दहशतगर्दों को यहां की पुलिस और सेना ने गिरफ्तार किया। 70 सुसाइड अटैक भी हुए, जिसमें 1035 लोग मारे गए। 
 

नेपाल में आतंकी हमले।
नेपाल में आतंकी हमले। - फोटो : अमर उजाला
नेपाल : सात हजार हमले, तीन हजार लोगों की जान गई
पड़ोसी देश नेपाल भी आतंकवादी हमलों से बच नहीं पाया है। यहां वर्ष 2000 से लेकर अब तक 7,135 आतंकी हमले दर्ज हुए हैं। इनमें 1,179 आम नागरिकों की मौत हुई, जबकि 2388 जवान भी शहीद हुए। इस दौरान 10 हजार 299 आतंकी भी ढेर हो गए। 

नेपाल में सुरक्षाबल के जवानों ने 3,531 आतंकवादियों को जिंदा भी पकड़ लिया। 2,825 दहशतगर्दों ने सरेंडर किया। यहां आठ मामले सुसाइड अटैक के भी दर्ज हुए हैं।     

मालदीव : कम हमले हुए, मौतें भी कम हुईं
5.41 लाख की आबादी वाले मालदीव में 34 आतंकी हमले हुए। इन हमलों में 17 लोग मारे गए। मालदीव की सेना और पुलिस ने 56 आतंकियों को गिरफ्तार भी किया। यहां कोई भी सुसाइड अटैक नहीं हुआ। 

भूटान : सबसे कम हमले हुए
भारत का सबसे शांत पड़ोसी देश भूटान ही है। यहां 22 सालों में केवल नौ आतंकी हमले हुए हैं। इनमें आठ नागरिकों की मौत हुई, जबकि 16 आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। भूटान में 24 आतंकवादियों ने सरेंडर किया तो यहां के सुरक्षाबलों ने 104 दहशतगर्दों को गिरफ्तार भी किया।
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