मलाला को नौ साल पहले गोली मारने वाले ने दी धमकी-इस बार चूक नहीं होगी, नोबेल विजेता ने इमरान सरकार व सेना को घेरा
- तालिबान आतंकी ने दी धमकी, ट्विटर ने ब्लॉक किया अकांउट
- मलाला ने पूछा, एहसान सरकारी हिरासत से कैसे भाग गया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई पर नौ साल पहले जानलेवा हमला करने वाले पाकिस्तानी तालिबानी आतंकवादी ने एक बार फिर उसे जान से मारने की धमकी दी है। आतंकवादी ने ट्वीट कर कहा कि इस बार कोई गलती नहीं होगी। इसे लेकर मलाला ने पाकिस्तान की इमरान सरकार व सेना को घेरा है। नोबेल विजेता ने सवाल किया कि आखिर हमलावर हिरासत से फरार कैसे हो गया?
तालिबानी आतंकवादी एहसानुल्लाह एहसान के धमकी देने के बाद मलाला युसुफजई ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। साथ ही मलाला ने ट्विटर पर पाकिस्तान की सेना और प्रधानमंत्री इमरान खान से पूछा कि उस पर हमला करने वाला एहसान सरकारी हिरासत से फरार कैसे हो गया।
This is the ex-spokesperson of Tehrik-i-Taliban Pakistan who claims responsibility for the attack on me and many innocent people. He is now threatening people on social media. How did he escape @OfficialDGISPR @ImranKhanPTI? https://t.co/1RDdZaxprs
विज्ञापन विज्ञापन— Malala (@Malala) February 16, 2021
बोला- मलाला और उनके पिता से हिसाब बराबर करना है
पाकिस्तानी तालिबान या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के सदस्य एहसान ने युसुफजई से आग्रह किया कि वह घर वापस लौट आएं। दरअसल, अपने ट्वीट में उसने कहा कि उसे युसुफजई और उनके पिता से हिसाब बराबर करना है। इस ट्वीट में आगे कहा गया, इस बार कोई गलती नहीं होगी।
सरकार कर रही जांच
प्रधानमंत्री इमरान खान के सलाहकार राउफ हसन ने कहा कि सरकार इस धमकी की जांच कर रही है और उसने तुरंत ट्विटर से अकाउंट बंद करने को कहा था।
आतंकी के पास कई ट्विवटर अकाउंट
तालिबानी आतंकवादी एहसान को 2017 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जनवरी 2020 में एक तथाकथित सुरक्षित पनाह-गाह से फरार हो गया था। जहां उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी द्वारा रखा गया था। उसकी गिरफ्तारी और फरारी दोनों की परिस्थितियों को लेकर विवाद बना हुआ है। भागने के बाद से एहसान ने उसी ट्विटर अकाउंट के जरिए पाकिस्तानी पत्रकारों के साथ संवाद किया था, जिससे उर्दू उर्दू भाषा में धमकी दी गई थी। उसके कई ट्विटर अकाउंट रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर को बंद कर दिया गया है।
आर्मी स्कूल पर हमले में भी था शामिल
एहसान के खिलाफ लगाए गए आरोपों में पाकिस्तानी सेना के पब्लिक स्कूल पर 2014 में किया गया एक भयावह हमला भी है। इसमें बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो गई थी। कुल मिलाकर 134 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा आतंकी पर स्वात घाटी में मलाला युसुफजई के ऊपर हमला करने का भी आरोप है।