तालिबान से शांति की कोशिशें जारी, अफगानिस्तान पहुंचे शीर्ष अधिकारी
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अमेरिका व अन्य क्षेत्रीय ताकतों के साथ जारी वार्ताओं के बावजूद अफगान तालिबान की इस घोषणा के बाद कि अफगानिस्तान शांति पर सहमति नहीं बनने के कारण हम युद्ध के लिए बाध्य हैं, अमेरिकी विशेष प्रतिनिधि जलमय खलीलजाद काबुल पहुंच गए हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के कार्यवाहक रक्षामंत्री पेट शनाहान अफगान नेताओं और यूएस कमांडरों से मिलने अचानक सोमवार को अफगानिस्तान पहुंच गए हैं। दोनों शीर्ष अधिकारियों का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब तालिबान के साथ शांति कायम करने की कोशिशें तेज हैं और तालिबान के इस वार्ता से हटने की आशंका है।
बता दें कि डॉन न्यूज ने तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद के हवाले से बताया था कि ‘हमारे दुश्मन हम पर हमला कर रहे हैं, इसलिए हम युद्ध के लिए बाध्य हैं।’ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अफगानिस्तान से सेना के बड़े हिस्से की देश वापसी के एलान के बावजूद देश के कार्यवाहक रक्षा मंत्री पेट शनाहान ने कहा कि उन्हें सैनिकों की संख्या कम करने के संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है। हालांकि शनाहान ने कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि ट्रंप यहां पिछले 17 वर्ष से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए सभी संभावनाएं तलाश रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि अफगानिस्तान में शांति की शर्तों पर अभी निर्णय लिया जाना है।
उधर, तालिबान के साथ शांति वार्ता में जुटे विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि जलमय खलीलजाद 11 से 28 फरवरी तक अंतरएजेंसी प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करने के लिए काबुल पहुंचे हैं। वह छह देशों की यायत्रा करने वाले एक बड़े प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई करेंगे। वह इस दौरान अफगानिस्तान सरकार के साथ भी बातचीत करेंगे जो अमेरिका-तालिबान वार्ता में शामिल नहीं है। खलीलजाद ने यह वार्ता जरूरी बताई।
‘अफगानिस्तान के लोग फैसला करें कि उनका देश कैसा दिखे’
अफगानिस्तान में तालिबान ने राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार को अवैध करार देते हुए उसके साथ बातचीत से इनकार कर चुका है लेकिन वाशिंगटन इस गतिरोध को खत्म करने में जुटा है। इस बारे में कार्यवाहक अमेरिकी रक्षामंत्री पेट शानहान ने कहा, ‘अफगानिस्तान के लोगों को इस बात का फैसला करना है कि अफगानिस्तान कैसा दिखे। यह अमेरिका नहीं अफगानिस्तान के बारे में है।’ अफगानिस्तान में शांति वार्ता के लिए प्रशासन के विशेष दूत जलमय खलीलजाद ने कहा था कि वार्ता अभी शुरुआती स्तर पर है और उन्हें जुलाई तक समझौता होने की उम्मीद है।