फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Syed Akbaruddin says Terrorism has and will be major factor in India foreign policy orientation

अकबरुद्दीन ने कहा- हमें बाहरी कारकों की बजाय सबसे ज्यादा प्रभावित करता है आतंकवाद

Sat, 21 Sep 2019 10:06 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 21 Sep 2019 10:06 AM IST
विज्ञापन
Syed Akbaruddin says Terrorism has and will be major factor in India foreign policy orientation
सैयद अकबरुद्दीन - फोटो : ANI

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन का कहना है कि आतंकवाद भारत की विदेश नीति का मुख्य कारक है। न्यूयॉर्क में उन्होंने कहा, 'आतंकवाद भारत की विदेश नीति का प्रमुख कारक होगा क्योंकि यह हमारे लोगों को बाहरी कारकों की बजाय सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। इस साल आतंकवाद का मुकाबला करने के संदर्भ में दो बहुत महत्वपूर्ण बहुपक्षीय घटनाक्रम हुए।'

विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पुलवामा हमले के बाद भारतीय जवानों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। हम लगभग एक दशक से कोशिश कर रहे हैं। उसके बाद इस साल हम संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति में मसूद अजहर जैसे वैश्विक आतंकी को सूचीबद्ध कर पाए। यह दो ऐसे महत्वपूर्ण कारक हैं जो एक साल के अंदर हुए हैं।'
विज्ञापन

 

अकबरुद्दीन ने आगे कहा, संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री जिस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे उसका केंद्र 'इंटरनेट और साइबरस्पेस के जरिए आतंकवादी विवरणों और हिंसक चरमपंथियों का मुकाबला करना' होगा। आप इसकी सराहना करेंगे यह उभरता हुआ खतरा है। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हर मंच पर जारी रखेंगे। 

अकबरुद्दीन ने भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों के सरिश्तों में काफी उछाल आया है। इस साल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच चौथी बार मुलाकात होने वाली है। ये उछाल इसका प्रतिबिंब है कि भारत और अमेरिका के संबंधों में तेजी से वृद्धि हुई है।


भारत के स्थायी प्रतिनिधि से जब पूछा गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र आमसभा में कश्मीर मुद्दे को उठा सकते हैं तो उन्होंने कहा, 'मैंने आमसभा में कई थियेट्रिकल्स देखी हैं। बहुत से लोग अपने 30 मिनट के ग्लोबल अटेंशन (वैश्विक मुद्दों की तरफ ध्यान ले जाना) का इस्तेमाल मनचाहे तरीके से करते हैं। लोग उन्हें इस बात के लिए याद करते हैं कि वे क्या हैं और क्या वैश्विक मानदंड के अनुरूप नहीं है। यदि कोई देश या नेता ऐसा करना चाहता है तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। मैंने अलग-अलग नेताओं को शेखी बघारते हुए सुना है। उन्हें कौन याद रखता है?'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed