फ्रांस: पेंशन सुधारों के खिलाफ हड़ताल, 4.5 लाख कर्मचारी सड़कों पर उतरे, पुलिस भी शामिल
- नए प्रस्तावों में सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने की योजना
- 90 फीसदी हाई-स्पीड टीवीजी और इंटर-सिटी ट्रेनें रद्द
- 30 फीसदी घरेलू और 10 फीसदी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फ्रांस में पेंशन सुधारों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल से स्कूल और कार्यालयों का कामकाज ठप पड़ चुका है। देशभर के करीब 4.5 लाख कर्मचारी सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। सड़कें प्रदर्शनकारियों, आंसू गैस और पुलिस अधिकारियों से पटी पड़ी हैं।
राजधानी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों के बाद अब तक 87 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। फ्रांस के कर्मचारी पेंशन योजना में प्रस्तावित सुधारों से नाराज हैं। नए प्रस्तावों में सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने की योजना है। ऐसे में तय समय से पहले रिटायर होने वालों को कम भुगतान मिल पाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के अधिकतर परिवहन कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से ट्रेनें और बसे रद्द की जा चुकी हैं। पेरिस का मशहूर चौराहा प्लेस दि ला रिपबलिका और द् वाइड बॉलवर्ड दि मैजेंटा प्रधानमंत्री इमेनुएल मैक्रों के खिलाफ नारों से गूंज रहे हैं। रेनिस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों के शीशे तोड़ दिए, नानटेस में पुलिस ने आंसू गैस दागे और स्कफल्स में पुलिस और प्रदर्शनारियों के बीच जमकर हाथापाई हुई।
क्या है मामला
राष्ट्रपति मैक्रों फ्रांस में एक ‘यूनिवर्सल प्वाइंट बेस्ड पेंशन प्रणाली’ शुरू करना चाहते हैं। सरकार इसे फ्रांस की मौजूदा पेंशन स्कीम की जगह लागू करना चाहती है। फिलहाल फ्रांस में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए 42 अलग-अलग पेंशन स्कीम चल रही हैं। इनमें सेवानिवृत्त की उम्र और लाभ अलग-अलग हैं।
एफिल टॉवर बंद
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद सुरक्षा के मद्देनजर विश्व प्रसिद्ध एफिल टॉवर बंद कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य पर्यटक स्थलों को भी बंद कर दिया गया है।
69 फीसदी का जनसमर्थन
ओपिनियन पोल में हड़ताल के पक्ष में 69 फीसदी जनसमर्थन बताया गया है। हड़ताल समर्थकों में 18 से 34 साल के लोग अधिक हैं। हालांकि हड़ताल में किसानों ने फिलहाल हिस्सा नहीं लिया है। जबकि देश में उनकी पेंशन सबसे कम है।