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UK: 'गाजा में युद्ध रोके इस्राइल, वरना यूएनजीए में फलस्तीन को देंगे मान्यता', फ्रांस के बाद ब्रिटेन की चेतावनी

Tue, 29 Jul 2025 10:33 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 29 Jul 2025 10:33 PM IST
सार

UK: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि अगर इस्राइल गाजा में संघर्षविराम की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता, तो ब्रिटेन सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फलस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा। उन्होंने हमास से भी अपील की कि वह बंधकों को रिहा करे, संघर्षविराम को माने, हथियार छोड़े और गाजा की सरकार में अपनी भूमिका से पीछे हटे।

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Starmer says UK will recognise Palestinian state at UNGA unless Israel agrees Gaza ceasefire
कीर स्टार्मर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मंगलवार को कहा कि अगर इस्राइल गाजा में संघर्षविराम की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो ब्रिटेन सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में फलस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा। 10 डाउनिंग स्ट्रीट से दिए गए अपने संबोधन में स्टार्मर ने हमास से भी अपील की कि वह सात अक्तूबर को पकड़े गए सभी इस्राइली बंधकों को तुरंत रिहा करे, तुरंत संघर्षविराम माने, अपने हथियार डाल दे और स्वीकार करे कि वह गाजा की सरकार का हिस्सा नहीं बनेगा।
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स्टार्मर ने कहा, मैं हमेशा कहता आया हूं कि हम फलीस्तीन को उस समय मान्यता देंगे, जब इसका दो-राष्ट्र समाधान पर सबसे ज्यादा असर होगा। अब जब यह समाधान खतरे में है, तो कदम उठाने का यही सही समय है। इसलिए आज मैं पुष्टि करता हूं कि अगर इस्राइली सरकार गाजा में हालात को सुधारने, युद्ध रोकने और दीर्घकालिक शांति बहाल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तो ब्रिटेन सितंबर में यूएनजीए में फलस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देगा।
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स्टार्मर ने यह भी अपील की कि संयुक्त राष्ट्र को राहत सामग्री पहुंचाने की अनुमति दी जाए। वेस्ट बैंक में जमीन पर किसी भी तरह कब्जा न किया जाए। उन्होंने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, हमारा संदेश हमास के आतंकवादियों के लिए साफ है कि वे तुरंत बंधकों को रिहा करें, संघर्षविराम पर सहमति दें, हथियार डालें और गाजा की सरकार में किसी भी भूमिका की उम्मीद छोड़ दें। स्टार्मर ने कहा कि सितंबर में यह आकलन किया जाएगा कि दोनों पक्षों ने कितनी शर्तें पूरी की हैं, लेकिन हमारे फैसले पर किसी और की ‘वीटो’ नहीं चलेगी।


उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने सोमवार को स्कॉटलैंड में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बातचीत की थी, ताकि गाजा में मानवीय सहायता फिर से शुरू की जा सके। स्टार्मर ने कहा, हमारा उद्देश्य अब भी यही है – एक सुरक्षित और स्थिर इस्राइल और उसके साथ एक संप्रभु फलस्तीनी राज्य। लेकिन आज ये लक्ष्य पहले से कहीं ज्यादा दबाव में है। उन्होंने कहा कि फलस्तीनी लोग बहुत तकलीफ झेल चुके हैं और गाजा की हालत ऐसी है जहां भूख से तड़पते बच्चे, बेहद कमजोर होते मासूमों की तस्वीरें हमारी आंखों के सामने जीवनभर रहेंगी। यह तकलीफ अब खत्म होनी चाहिए। ब्रिटेन का मुख्य लक्ष्य जमीन पर हालात बदलना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। 

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स्टार्मर के इस बयान से पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर ब्रिटेन का पक्ष रखा। यह घटनाक्रम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि फ्रांस फलस्तीन को मान्यता देगा। फ्रांस ऐसा करने वाला पहला जी7 देश और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बन गया है, जिससे इस्राइल पर दबाव और बढ़ गया है।



 
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