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Sri Lanka Crisis: विकराल होते खाद्य संकट के बीच श्रीलंका सरकार ने किसानों के आगे जोड़े हाथ

Fri, 03 Jun 2022 03:42 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 03 Jun 2022 03:42 PM IST
सार

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे चेतावनी दे चुके हैं कि अगली अगस्त से देश में खाद्य पदार्थों का बेहद गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। कृषि मंत्री महिंद अमरावीरा ने कहा- ‘यह स्पष्ट है कि खाद्य हालात बदतर हो रहे हैं। ऐसे में हम किसानों से गुजारिश करते हैं कि वे अगले पांच से दस दिन तक अपने खेतों में जाएं और अधिक मात्रा में धान की रोपाई करें।’

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Sri Lanka Crisis: Sri Lankan government fold hands in front of farmers amid severe food crisis
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे और राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

श्रीलंका में गहराते खाद्य संकट के बीच अब गोटबया राजपक्षे सरकार ने किसानों से हालत संभालने की गुजारिश की है। सरकार ने साफ कहा है कि खाने-पीने की चीजों की कमी और गंभीर रूप लेने जा रही है। इससे महंगाई और भी ज्यादा बढ़ने का अंदेशा है। श्रीलंका में मुद्रास्फीति की दर पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर है। ऐसे में कृषि मंत्री महिंद अमरावीरा के ताजा बयान को इस बात का संकेत समझा गया है कि हालात अभी भी बेकाबू हैं।

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इसी हफ्ते राजपक्षे सरकार ने कई करों में बढ़ोतरी की है। सरकार का कहना है कि टैक्स बढ़ाने से राजकोष में आने वाली रकम से वह जरूरी चीजों का आयात करेगी। इस बीच अमरावीरा ने एक सार्वजनिक अपील जारी कर किसानों से अनुरोध किया कि अधिक मात्रा में चावल उपजाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो खाद्य महंगाई पर काबू पा सकना संभव नहीं होगा।

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किसानों से धान की रोपाई करने का अनुरोध

इसके पहले प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे चेतावनी दे चुके हैं कि अगली अगस्त से देश में खाद्य पदार्थों का बेहद गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। विश्लेषकों के मुताबिक अपने इसी आकलन के कारण अब सरकार अनाज पैदावार बढ़ाने की नई योजना बना रही है। अमरावीरा ने कहा- ‘यह स्पष्ट है कि खाद्य हालात बदतर हो रहे हैं। ऐसे में हम किसानों से गुजारिश करते हैं कि वे अगले पांच से दस दिन तक अपने खेतों में जाएं और अधिक मात्रा में धान की रोपाई करें।’

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श्रीलंका की खाद्य आयुक्त जे. कृष्णमूर्ति ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सरकार ने सार्क (दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संघ) से खाद्य बैंक बनाने के बारे में सहायता मांगी है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका ने सार्क के सदस्य दूसरे देशों से अनुदान के रूप में एक लाख मिट्रिक टन अनाज की मांग की है। सार्क की इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया रही है, इस बारे में पूछे जाने पर कृष्णमूर्ति कोई साफ जवाब नहीं दिया।

वैट की दरें बढ़ाईं

इसी मंगलवार को श्रीलंका सरकार ने वैट की दरें बढ़ाने की घोषणा की है। यह दर अब आठ से बढ़ा कर 12 फीसदी कर दी गई है। श्रीलंका सरकार को उम्मीद है कि इससे उसे 65 अरब रुपये (लगभग 18 करोड़ डॉलर) की अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही सरकार ने अगले अक्तूबर से कॉरपोरेट टैक्स 24 से बढ़ा कर 30 फीसदी करने का फैसला किया है। श्रीलंका के वित्त मंत्री अली साबरी के मुताबिक अगले आठ महीनों में जरूरी चीजों के आयात पर श्रीलंका सकार को चार बिलियन डॉलर खर्च करने होंगे।



ताजा जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक श्रीलंका में मुद्रास्फीति की दर मई पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 39.1 प्रतिशत रही। अप्रैल में ये दर 29.8 प्रतिशत थी। यानी पिछले महीने मोटे तौर पर देश में महंगाई में दस फीसदी की बढ़ोतरी हुई। महंगाई के कारण श्रीलंका के आम लोगों की क्रय शक्ति में भारी गिरावट आ चुकी है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे में वैट की दरें बढ़ाने से लोगों की हालत और बिगड़ेगी। इससे महंगाई भी बढ़ेगी। जबकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ये कदम उठाने के अलावा कोई चारा नहीं है।

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