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Nuclear Energy Deal: दक्षिण कोरिया का रूस के साथ बड़ा सौदा, परमाणु बिजली संयंत्र के लिए बनेंगे कलपुर्जे
Thu, 25 Aug 2022 09:04 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 25 Aug 2022 09:04 PM IST
सार
दक्षिण कोरिया सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कोरिया हाइड्रो और परमाणु ऊर्जा कंपनी तथा एएसई के बीच समझौता हुआ है।
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दक्षिण कोरिया
- फोटो : social media
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विस्तार
दक्षिण कोरिया ने मिस्र के पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए कंपोनेंट देने के लिए रूस द्वारा संचालित परमाणु ऊर्जा कंपनी के साथ 3 ट्रिलियन वोन (2.25 बिलियन डॉलर) का सौदा किया है। यह समझौता मिस्र के पहले परमाणु बिजली संयंत्र को कलपुर्जे प्रदान करने के लिए किया गया है। दक्षिण कोरिया सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कोरिया हाइड्रो और परमाणु ऊर्जा कंपनी तथा एएसई के बीच समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत दक्षिण कोरिया मिस्र के डाबा में तैयार हो रहे संयंत्र के निर्माण कार्य और टर्बाइन से संबंधित उपकरण देगा।
अमेरिका को पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया था
एएसई एक सरकारी स्वामित्व वाले रूसी परमाणु समूह रोसाटॉम की सहायक कंपनी है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक येओल के एक वरिष्ठ सहयोगी ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और मॉस्को के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंध अभियान के कारण बातचीत धीमी हो गई थी। यून के आर्थिक मामलों के वरिष्ठ सचिव चोई सांग-मोक ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने डाबा परियोजना में भाग लेने की अपनी योजनाओं के बारे में अमेरिका को पहले ही एक स्पष्टीकरण दे दिया था।
उन्होंने कहा कि इस बात की कोई संभावना नहीं है कि दक्षिण कोरिया द्वारा परियोजना के लिए आपूर्ति की जा रही तकनीक रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से टकराएगी। चोई ने कहा कि किसी भी तरह के मुद्दे को विभिन्न अनिश्चितताओं से पूरा किया जा सकता है, लेकिन उन सभी को अब तक सुलझा लिया गया है, और इसलिए हम समझौते को अंतिम रूप दे सके। यून के कार्यालय ने कहा कि डाबा परियोजना में भागीदारी 2009 के बाद से देश की परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा निर्यात है, जब दक्षिण कोरियाई नेतृत्व वाले संघ ने संयुक्त अरब अमीरात में परमाणु ऊर्जा रिएक्टर बनाने के लिए 20 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट जीता था।
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यून एक रूढ़िवादी हैं जिन्होंने मई में पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी के दक्षिण कोरियाई निर्यात को बढ़ावा देने का वचन दिया था। उनका कहना है कि उनके उदार पूर्ववर्ती मून जे-इन की नीतियों ने इसे धीमा किया जो परमाणु ऊर्जा पर देश की घरेलू निर्भरता को कम करना चाहते थे।
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अमेरिका को पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया था
एएसई एक सरकारी स्वामित्व वाले रूसी परमाणु समूह रोसाटॉम की सहायक कंपनी है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक येओल के एक वरिष्ठ सहयोगी ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और मॉस्को के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंध अभियान के कारण बातचीत धीमी हो गई थी। यून के आर्थिक मामलों के वरिष्ठ सचिव चोई सांग-मोक ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने डाबा परियोजना में भाग लेने की अपनी योजनाओं के बारे में अमेरिका को पहले ही एक स्पष्टीकरण दे दिया था।
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उन्होंने कहा कि इस बात की कोई संभावना नहीं है कि दक्षिण कोरिया द्वारा परियोजना के लिए आपूर्ति की जा रही तकनीक रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से टकराएगी। चोई ने कहा कि किसी भी तरह के मुद्दे को विभिन्न अनिश्चितताओं से पूरा किया जा सकता है, लेकिन उन सभी को अब तक सुलझा लिया गया है, और इसलिए हम समझौते को अंतिम रूप दे सके। यून के कार्यालय ने कहा कि डाबा परियोजना में भागीदारी 2009 के बाद से देश की परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा निर्यात है, जब दक्षिण कोरियाई नेतृत्व वाले संघ ने संयुक्त अरब अमीरात में परमाणु ऊर्जा रिएक्टर बनाने के लिए 20 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट जीता था।
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यून एक रूढ़िवादी हैं जिन्होंने मई में पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी के दक्षिण कोरियाई निर्यात को बढ़ावा देने का वचन दिया था। उनका कहना है कि उनके उदार पूर्ववर्ती मून जे-इन की नीतियों ने इसे धीमा किया जो परमाणु ऊर्जा पर देश की घरेलू निर्भरता को कम करना चाहते थे।