फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   South Korea president apologizes over poorly managed foreign adoption programmes

South Korea: विदेशियों को बच्चे गोद देने वाली योजना पर हुआ विवाद, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने मांगी माफी

Thu, 02 Oct 2025 12:20 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सियोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सियोल Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 02 Oct 2025 12:20 PM IST
सार

राष्ट्रपति ली ने कहा कि जब वह गोद लिए गए दक्षिण कोरियाई बच्चों को बचपन में विदेश भेजे जाने पर होने वाली चिंता, दर्द और भ्रम के बारे में सोचते हैं, तो उनका मन भारी हो जाता है।

विज्ञापन
South Korea president apologizes over poorly managed foreign adoption programmes
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति - फोटो : डीडी न्यूज

विस्तार

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने गुरुवार को विदेशियों को बच्चे गोद देने वाली योजना के खराब प्रबंधन के लिए माफी मांगी है। विदेशों में गोद दिए गए बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और धोखाधड़ी की घटनाएं हुईं। दक्षिण कोरिया ने विदेशों में गोद दिए गए बच्चों की योजना की जांच के लिए एक सत्यनिष्ठा आयोग का गठन किया था। इस आयोग की रिपोर्ट में ही सरकार को खराब प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि वह देश की ओर से विदेशों में गोद दिए गए दक्षिण कोरियाई लोगों और जन्म देने वाले परिवारों से माफी मांगते हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रपति ने मांगी माफी
ली ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट और हाल के अदालती फैसलों ने अंतरराष्ट्रीय गोद देने वाली योजना के दौरान मानवाधिकारों के हनन के कुछ मामलों की पुष्टि की है। ली ने कहा कि जब वह गोद लिए गए दक्षिण कोरियाई बच्चों को बचपन में विदेश भेजे जाने पर होने वाली चिंता, दर्द और भ्रम के बारे में सोचते हैं, तो उनका मन भारी हो जाता है। उन्होंने अधिकारियों से गोद दिए गए बच्चों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए व्यवस्था बनाने और उनके जन्मदाता माता-पिता को खोजने का प्रयास करने का आग्रह किया।
विज्ञापन


बच्चों को गोद देने में हुई धोखाधड़ी, मानवाधिकारों का उल्लंघन
दक्षिण कोरिया पर बच्चों को गोद देने वाले कार्यक्रमों में व्यापक धोखाधड़ी और दुरुपयोग के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर 1970 और 1980 के दशक के दौरान, जब देश हर साल हजारों बच्चों को गोद दिया गया। मार्च में एक जारी अपनी रिपोर्ट में, सत्य और सुलह आयोग ने बताया कि बच्चों को गोद देने के कार्यक्रमों को सुविधाजनक बनाने की जिम्मेदारी सरकार की थी, लेकिन सरकार ऐसे मामलों में अपनी भूमिका निभाने में विफल रही है। यह रिपोर्ट यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में 367 गोद दिए गए बच्चों की शिकायतों की लगभग तीन साल की जांच के बाद तैयार की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- US: डीएसीए आवेदन फिर शुरू कर सकती है ट्रंप सरकार, अमेरिका में रहने और काम करने का मिलेगा परमिट

रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे दक्षिण कोरिया की सरकारों, पश्चिमी देशों और बच्चे गोद देने वाली एजेंसियों ने मिलकर लगभग 2,00,000 दक्षिण कोरियाई बच्चों को विदेशों में गोद दिया। इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि उनमें से कई बच्चों को संदिग्ध या पूरी तरह से गलत तरीकों से गोद दिया गया था।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed