South China Sea Dispute: दक्षिण चीन सागर में टकराए ड्रैगन और फिलीपींस के जहाज, तनाव और बढ़ने की आशंका
दक्षिण चीन सागर के स्कारबोरो शोल के पास चीन और फिलीपींस के जहाजों की टक्कर से तनाव बढ़ गया है। चीन ने आरोप लगाया कि फिलीपींस ने उसकी नौका को टक्कर मारी और 10 से अधिक जहाज घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। चीन ने हाल ही में इस क्षेत्र को नेचर रिजर्व घोषित किया था, जिसका फिलीपींस ने विरोध किया। अमेरिका और अन्य देशों ने चीन की कार्रवाई पर चिंता जताई है।
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विस्तार
चीन के कोस्ट गार्ड ने दावा किया कि फिलीपींस की 10 से अधिक सरकारी नावें अलग-अलग दिशाओं से स्कारबोरो शोल के पास पहुंचीं। इस दौरान चीनी जहाजों ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। चीन इस क्षेत्र को ह्वांगयान द्वीप कहता है और इस पर अपना दावा जताता है। वहीं फिलीपींस इसे बाजो दे मसिनलोक कहकर अपना क्षेत्र मानता है।
चीन ने घोषित किया नेचर रिजर्व, बढ़ा विवाद
यह टकराव ठीक छह दिन बाद हुआ जब चीन ने स्कारबोरो शोल के एक हिस्से को "राष्ट्रीय प्राकृतिक अभयारण्य" घोषित कर दिया था। इस फैसले का फिलीपींस ने कड़ा विरोध किया और इसे लेकर राजनयिक विरोध दर्ज कराने की घोषणा की थी।
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फिलीपींस की चुप्पी, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
फिलीपींस सरकार की ओर से इस टकराव पर तुरंत कोई बयान नहीं आया, लेकिन उसने पिछले हफ्ते ही चीन के नेचर रिजर्व फैसले का विरोध किया था। वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों ने चीन के इस कदम पर चिंता जताई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे "पड़ोसियों पर दबाव बनाने की कोशिश" बताया।
रणनीतिक महत्व वाला क्षेत्र
दक्षिण चीन सागर विश्व के सबसे रणनीतिक जल क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां मछली पकड़ने के बड़े क्षेत्र हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का अहम मार्ग भी यहीं से गुजरता है। चीन इस पूरे समुद्री क्षेत्र पर दावा करता है, जबकि फिलीपींस समेत कई अन्य देशों के भी अलग-अलग हिस्सों पर दावे हैं।
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तनाव और बढ़ने की आशंका
चीनी कोस्ट गार्ड ने फिलीपींस पर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगाया और इसे गंभीर करार दिया। दूसरी ओर, फिलीपींस को अमेरिका समेत कई मित्र देशों का समर्थन मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस टकराव से दक्षिण चीन सागर में तनाव और बढ़ सकता है तथा क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
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