मासूम बच्चों की तस्करी: मां की गोद से छीन 30 हजार रुपये में बेचे जा रहे बच्चे
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अफ्रीका के केन्या में मां के हाथ से छीनकर नवजात बच्चों को 30 से 50 हजार में बेचा जा रहा है। इन बच्चों को बे औलाद महिलाओं से लेकर बलि जैसे कुत्सित कार्यों के लिए भी तस्कर बेच रहे हैं। यह खुलासा बीबीसी के अफ्रीका आई डॉक्यूमेंट्री में हुआ है।
इस घृणित तस्करी का दुखद स्वरूप यह भी है कि सड़क पर जी रहीं बेहद गरीब, अशिक्षित और कमजोर महिलाओं के बच्चे छीने जा रहे हैं। इस वजह से अधिकतर मामले दर्ज नहीं हो रहे हैं। जो दर्ज हो रहे उनमें कार्रवाई न होने से बच्चे वापस मिलने की कोई उम्मीद भी पीड़ित मांओं को नहीं है।
केन्या के एनजीओ मिसिंग चाइल्ड केन्या की संचालिका मारियाना मुनयेंडो बताती हैं कि वे 4 साल में बच्चे चोरी के करीब 600 मामले देख चुकी हैं। यह केवल संगठन के पास दर्ज आंकड़े हैं। वास्तिविक आंकड़े कई गुना अधिक हैं।
इस तरह उठा रहे बच्चे
बच्चे उठाने वाले गिरोह इसे दो तरह से अंजाम दे रहे हैं। पहला. वे बसहारा, बेघर और सड़क पर रहने वाली मांओं को शिकार बना रहे हैं। जांच के दौरान अफ्रीका आई की अनीता नामक महिला से संपर्क हुआ जिसने कुछ घंटे पहले मां से छीनी पांच महीने के बच्ची 32 हजार रुपये में बेचने का प्रयास किया। पुलिस को भनक लगने के बाद अनीता पत्रकारों से नहीं मिली, उस बच्ची का भी फिर कहीं पता चला। दूसरा जरिया छोटे क्लीनिक से लेकर बड़े सरकारी कर्मचारियों से मिलकर लावरिस छोड़े गए बच्चों की तस्करी हो रही है।
सामने आई पीड़ितों की कहानी
- 16 साल की उम्र में मां बनी रेबेका के डेढ़ साल के बच्चे लॉरेंस को नैरोबी की सड़क पर उस समय उठा लिया जब वह पर सो रही थीं। रेबेका आज भी उसी सड़क पर रहती हैंं, उन्हें नहीं पता लॉरेंस कहां है, जीवित है भी या नहीं। उनकी आज तीन और बेटियां हैं, जिनमें से छोटी बेटी को छीनने का नाकाम प्रयास हो चुका है।
- एस्थर के तीन साल के बेटे को उठा लिया। गरीबी की वजह से सड़क पर बेसहारा रहती हैं। उन्होंने मोसामा सहित कई शहरों में अपने बेटे को ढूंढ़ा लेकिन नहीं मिला। वह कहती हैं, अपना बेटा खोने के बाद कभी शांति नहीं मिली।
- कैरोल के दो साल के बेटे को आधी रात को उनसे छीन लिया गया। वे कहती है कि वे अपने बच्चे से इतना प्यार करती हैं, छीनने वाला अगर बच्चा लौटा दे तो वह उसे माफ कर देंगी। लेकिन कुछ हजार रुपये के लिए तस्करी करने वालों का दिल नहीं पसीजता।