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सिंगापुरः रिश्वत लेने के दोषी पाए गए दो भारतीय कर्मचारी, अदालत ने लगाया भारी-भरकम जुर्माना
Fri, 27 Jan 2023 02:25 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 27 Jan 2023 02:25 PM IST
सार
रतिनासवापति, वेयरहाउस सुपरवाइजर के तौर पर कंपनी में काम करता था। आरोप है कि रतिनासवापति ने इंस्परो नामक कंपनी की निदेशक हेमा सुतन नायर अच्युतानैयर से करीब 6800 सिंगापुर डॉलर की रिश्वत ली थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
सिंगापुर की एक अदालत ने दो भारतीय कर्मचारियों पर रिश्वत लेने के आरोप में दोनों को सजा के तौर पर भारी-भरकम जुर्माना देने का आदेश दिया है। अदालत ने दोनों पर 24-24 हजार सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि एक खाना वितरण करने वाली कंपनी के लिए काम करते हुए दोनों ने एक अन्य फर्म से रिश्वत ली थी। दोषियों की पहचान महेश्वरन एम. रतिनासवापति (27 वर्ष) और रेनिता मुरलीधरन (31 वर्ष) के रूप में हुई है।
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खबर के अनुसार, दोनों आरोपी खाना वितरण करने वाली कंपनी सोनामीरा के कर्मचारी थे। दोनों को गुरुवार को रिश्वत लेने का दोषी ठहराया गया। स्ट्रेट टाइम्स के हवाले से यह खबर सामने आई है। रतिनासवापति, वेयरहाउस सुपरवाइजर के तौर पर कंपनी में काम करता था। आरोप है कि रतिनासवापति ने इंस्परो नामक कंपनी की निदेशक हेमा सुतन नायर अच्युतानैयर से करीब 6800 सिंगापुर डॉलर की रिश्वत ली थी। इस रिश्वत के बदले रतिनासवापति को इंस्परो फर्म के नाम की संस्तुति करनी थी।
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आरोप है कि जुलाई 2019 में रतिनासवापति ने कंपनी में काम करने वाले अकाउंट/एडमिनिस्ट्रेटिव एग्जीक्यूटिव मुरलीधरन को भी अपने साथ मिलाया और रिश्वत में मिले पैसों में आधे उसे दिए। इस रिश्वत के बदले मुरलीधरन ने रतिनासवापति की संस्तुति पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं की। अब दोनों के दोषी पाए जाने के बाद दोनों पर 24-24 हजार सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि इस मामले में रिश्वत देने वाली फर्म इंस्परो की निदेशक अच्युतानैयर मार्च 2020 में मलेशिया चली गई थी लेकिन वह अभी तक सिंगापुर नहीं लौटी है।
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