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Pakistan: महाराज रणजीत सिंह की बरसी के लिए पाकिस्तान गए भारतीय तीर्थयात्री की मौत, दिल का दौरा पड़ने से गई जान
Tue, 02 Jul 2024 02:18 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 02 Jul 2024 02:18 PM IST
सार
पिछले हफ्ते कम से कम 455 सिख तीर्थयात्री महाराज रणजीत सिंह की बरसी के मौके पर भारत से पाकिस्तान आए थे। बता दें कि सिख साम्राज्य के पहले शासक, महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा का भी करतारपुर साहिब में 450 से अधिक भारतीय सिखों की उपस्थिति में अनावरण किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान से तीर्थ यात्रा कर लौट रहे 64 वर्षीय भारतीय नागरिक की मौत हो गई। मृतक धार्मिक तीर्थयात्रा के लिए पाकिस्तान गए 450 से अधिक सिखों के समूह का हिस्सा था। तीर्थयात्रा से लौटने के दौरान व्यक्ति को दिव का दौरा पड़ा, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान देव सिंह सिद्धू के तौर पर की गई है। वह पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था।
मृतक महाराज रणजीत सिंह के 185वीं बरसी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान आया था। उसने यहां धार्मिक अनुष्ठान में भी हिस्सा लिया। अन्य सिख तीर्थयात्रियों के साथ वापस लौटते समय उन्हें भारतीय आव्रजन हॉल में दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पिछले हफ्ते कम से कम 455 सिख तीर्थयात्री महाराज रणजीत सिंह की बरसी के मौके पर भारत से पाकिस्तान आए थे। बता दें कि सिख साम्राज्य के पहले शासक, महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा का भी करतारपुर साहिब में 450 से अधिक भारतीय सिखों की उपस्थिति में अनावरण किया गया था। साल 2019 में नौ फीट लंबे महाराज रणजीत सिंह की प्रतिमा लहौर किले में उनकी समाधि के पास स्थापित की गई थी। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा को दो बार तोड़ दिया।
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मृतक महाराज रणजीत सिंह के 185वीं बरसी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान आया था। उसने यहां धार्मिक अनुष्ठान में भी हिस्सा लिया। अन्य सिख तीर्थयात्रियों के साथ वापस लौटते समय उन्हें भारतीय आव्रजन हॉल में दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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पिछले हफ्ते कम से कम 455 सिख तीर्थयात्री महाराज रणजीत सिंह की बरसी के मौके पर भारत से पाकिस्तान आए थे। बता दें कि सिख साम्राज्य के पहले शासक, महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा का भी करतारपुर साहिब में 450 से अधिक भारतीय सिखों की उपस्थिति में अनावरण किया गया था। साल 2019 में नौ फीट लंबे महाराज रणजीत सिंह की प्रतिमा लहौर किले में उनकी समाधि के पास स्थापित की गई थी। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा को दो बार तोड़ दिया।
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