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Pakistan: PML-N ने इमरान की पार्टी के साथ बातचीत से किया इनकार, कहा- हम बार-बार उन्हें नहीं बुलाएंगे

Sat, 17 Aug 2024 11:20 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 17 Aug 2024 11:20 PM IST
सार

Pakistan: पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता इरफान सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने  बार-बार कहा है कि जब पीटीआई के नेता संसद में आ ही गए हैं, तो कम से कम वहां बैठक मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "अब हम भी यह मानते हैं कि हम बार-बार उन्हें (बातचीत के लिए) नहीं बुलाएंगे।"

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Sharifs’ PML-N rules out any talks with Imran Khan’s party
शहबाज शरीफ, इमरान खान - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सत्तारूढ़ पीएमएल-एन ने शनिवार को मुख्य विपक्षी पीटीआई पार्टी के साथ बातचीत की किसी भी संभावना को खारिज किया। पार्टी ने कहा कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। 

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पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता इरफान सिद्दीकी ने डॉन न्यूज से कहा, "हमने बार-बार कहा है कि जब आप (पीटीआई) संसद में आ ही गए हैं, तो कम से कम वहां बैठक मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करें। लेकिन वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। अब हम भी यह मानते हैं कि हम बार-बार उन्हें (बातचीत के लिए) नहीं बुलाएंगे।" 
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सिद्दीकी ने कहा यह भी कहा कि अगर पीटीआई गंभीरता के साथ संपर्क करेगी तो पीएमएल-एन और उसके सहयोगी बातचीत के दरवाजे खोलने पर विचार करेंगे। पाकिस्तान सरकार ने पिछले महीने पीटीआई पर प्रतिबंध लगाया। इमरान खान पिछले एक साल साल से रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। 
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पिछले आम चुनाव में इमरान खान की पीटीआई समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवारों को सबसे अधिक सीटें मिलीं थीं। पीटीआई का चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट छीन लिया गया था। इमरान ने आरोप लगाया था कि पीएमएल-एन और इसके सहयोगी दलों ने चुनाव में धोखाधड़ी की है। 



सिद्दीकी ने कहा कि बातचीत इस बात पर निर्भर करती है कि पीटीआई यह समझे कि सेना से नहीं बल्कि नेताओं से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शायद विपक्षी गठबंधन के नेता महमूद खान अचकजई पीटीआई को राजनीतिक बातचीत की जरूरत समझा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पीटीआई से बातचीत नहीं चाहती है और खासकर नौ मई की हिंसा के पीछे पार्टी का हाथ देखते हुए बातचीत की संभावना कम है। 


पिछले साल इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके सैकड़ों समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने नौ मई को दर्जनों सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया। इनमें जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई का कार्यालय शामिल थे। पहली बार रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) को भी भीड़ ने निशाना बनाया था।

पीएमएल-एन ने कई बार पीटीआई को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। लेकिन पीटीआई के संस्थापक इमरान खान ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी है, जिसमें उनके कथित 'चोरी हुए जनादेश' की वापसी शामिल हैं। उन्होंने सेना के साथ बातचीत को प्राथमिकता दी है। 

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