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कोलंबिया में सोने की खदान ढही: 14 की मौत, सात घायल; तीन महीने में 27 की गई जान; क्यों नहीं थम रहे ऐसे हादसे?
Tue, 20 Oct 2026 06:59 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बोगोटा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बोगोटा।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 20 Oct 2026 06:59 AM IST
सार
कोलंबिया में बिना अनुमति चल रही सोने की खदान ढहने से बड़ा हादसा हो गया। इसमें 14 खनिकों की मौत हो गई और सात लोग घायल हुए। तीन महीने से भी कम समय में प्रांत में खदान ढहने की दो घटनाओं में 27 लोगों की जान जा चुकी है। आखिर ऐसे हादसे कब रुकेंगे?
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- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कोलंबिया के नारिनो प्रांत के एक दूरदराज इलाके में सोने की खदान ढह गई। इस हादसे में कम से कम 14 खनिकों की मौत हो गई। यह खदान खुले गड्ढे में चल रही थी और इसके संचालन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। क्षेत्रीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रांतीय सरकार ने क्या बताया?
नारिनो की सरकार ने एक बयान में बताया कि सोमवार को सांता बारबरा दे इस्कुआंदे नामक छोटे शहर के पास खनन के दौरान यह हादसा हुआ। इसमें सात अन्य लोग घायल हो गए। सरकार ने बताया कि सोमवार रात तक बचाव अभियान समाप्त हो गया था।
खदान ढहने से तीन महीने में कितनी मौतें?
बयान में कहा गया, यह आपात स्थिति एक बार फिर बिना अनुमति के खनन से जुड़े जोखिमों को उजागर करती है। इसमें आगे कहा गया, तीन महीने से भी कम समय में नारिनो में खदान ढहने की दो घटनाओं में 27 लोगों की मौत हो चुकी है।
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ये भी पढ़ें: सऊदी में बांग्लादेशी जोड़े को मिली मौत की सजा: दुनियाभर में छिड़ी बहस, ढाका ने दर्ज कराया विरोध; क्या थे आरोप?
घटनास्थल तक पहुंचना क्यों मुश्किल?
सांता बारबरा दे इस्कुआंदे घने वर्षावन से घिरा हुआ है। यहां केवल नाव या छोटे विमान से ही पहुंचा जा सकता है। इस वजह से राहतकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। नारिनो के गवर्नर लुइस अल्फोंसो एस्कोबार ने कहा, इस दुखद हादसे में पूरे-पूरे परिवार मारे गए हैं। यह बहुत दुखद है।
बिना सरकारी अनुमति के चलती हैं सैकड़ों खदानें
कोलंबिया में सैकड़ों छोटी खदानें सरकारी अनुमति के बिना चलती हैं। इनमें से कुछ पर विद्रोही समूहों का नियंत्रण है। सांता बारबरा दे इस्कुआंदे तक पहुंचना मुश्किल है। इसके अलावा, यहां सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी हैं।
बताया जाता है कि इस इलाके में दो विद्रोही समूह सक्रिय हैं। इनमें जैकोबो एरेनास गुट भी शामिल है। इस समूह का नेतृत्व कोलंबिया के क्रांतिकारी सशस्त्र बलों (एफएआरसी) के पूर्व सदस्य करते हैं। इन सदस्यों ने 2016 में कोलंबिया की सरकार के साथ हुए शांति समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
कोलंबिया के लोकपाल कार्यालय ने एक बयान जारी किया। इसमें उसने इलाके में सक्रिय सशस्त्र समूहों से छोटे शहर तक मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति देने की अपील की। कार्यालय ने एक्स पर कहा, हमारे सभी प्रयास लोगों की जान बचाने और इस आपात स्थिति से निपटने की दिशा में होने चाहिए।
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प्रांतीय सरकार ने क्या बताया?
नारिनो की सरकार ने एक बयान में बताया कि सोमवार को सांता बारबरा दे इस्कुआंदे नामक छोटे शहर के पास खनन के दौरान यह हादसा हुआ। इसमें सात अन्य लोग घायल हो गए। सरकार ने बताया कि सोमवार रात तक बचाव अभियान समाप्त हो गया था।
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खदान ढहने से तीन महीने में कितनी मौतें?
बयान में कहा गया, यह आपात स्थिति एक बार फिर बिना अनुमति के खनन से जुड़े जोखिमों को उजागर करती है। इसमें आगे कहा गया, तीन महीने से भी कम समय में नारिनो में खदान ढहने की दो घटनाओं में 27 लोगों की मौत हो चुकी है।
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घटनास्थल तक पहुंचना क्यों मुश्किल?
सांता बारबरा दे इस्कुआंदे घने वर्षावन से घिरा हुआ है। यहां केवल नाव या छोटे विमान से ही पहुंचा जा सकता है। इस वजह से राहतकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। नारिनो के गवर्नर लुइस अल्फोंसो एस्कोबार ने कहा, इस दुखद हादसे में पूरे-पूरे परिवार मारे गए हैं। यह बहुत दुखद है।
बिना सरकारी अनुमति के चलती हैं सैकड़ों खदानें
कोलंबिया में सैकड़ों छोटी खदानें सरकारी अनुमति के बिना चलती हैं। इनमें से कुछ पर विद्रोही समूहों का नियंत्रण है। सांता बारबरा दे इस्कुआंदे तक पहुंचना मुश्किल है। इसके अलावा, यहां सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी हैं।
बताया जाता है कि इस इलाके में दो विद्रोही समूह सक्रिय हैं। इनमें जैकोबो एरेनास गुट भी शामिल है। इस समूह का नेतृत्व कोलंबिया के क्रांतिकारी सशस्त्र बलों (एफएआरसी) के पूर्व सदस्य करते हैं। इन सदस्यों ने 2016 में कोलंबिया की सरकार के साथ हुए शांति समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
कोलंबिया के लोकपाल कार्यालय ने एक बयान जारी किया। इसमें उसने इलाके में सक्रिय सशस्त्र समूहों से छोटे शहर तक मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति देने की अपील की। कार्यालय ने एक्स पर कहा, हमारे सभी प्रयास लोगों की जान बचाने और इस आपात स्थिति से निपटने की दिशा में होने चाहिए।