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Pakistan: भारत से बढ़ते तनाव के बीच इमरान खान को जेल से रिहा करने की मांग, PTI ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका
Fri, 09 May 2025 04:22 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 09 May 2025 04:22 PM IST
सार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई है। वह अदियाला जेल में सजा काट रहे हैं। भारत से बढ़ रहे तनाव के बीच उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी ने पूर्व पीएम की जान को खतरा बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की है।
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इमरान खान, पूर्व पाकिस्तानी पीएम
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की अदियाला जेल में भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे पूर्व पीएम इमरान खान को जेल से रिहा करने की मांग की गई है। इसे लेकर पूर्व पीएम की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि लंबे समय से हिरासत में रहने के कारण पूर्व पीएम की जान को खतरा है। साथ ही भारत के साथ मौजूदा स्थिति चलते उनकी जान को खतरा है।
तहरीक ए इंसाफ ने एक व्हाट्सएप संदेश में कहा है कि पार्टी के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने पार्टी संस्थापक की रिहाई के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इमरान खान की रिहाई के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में मुख्यमंत्री केपी अली अमीन ने याचिका दायर की है। इसमें न्यायालय से अपील की गई है कि भारत के साथ वर्तमान हालात को देखते हुए राष्ट्रीय सद्भाव और एकजुटता के लिए और अदियाला जेल में ड्रोन हमले की आशंका के कारण उन्हें तुरंत पेरोल/प्रोबेशन पर रिहा किया जाए।
ये भी पढ़ें: 'आतंकवाद के साथ खड़ा है पाकिस्तान', भारतीय उच्चायुक्त ने ब्रिटिश टीवी पर दिखाए सबूत
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अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख तय नहीं की है। खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने बताया कि पूर्व पीएम इमरान खान को मुस्लिम उम्मा (समुदाय) का नेता बताया और न्याय की उम्मीद जताई। उन्होंने देश में कानून और व्यवस्था की कमी है। हमने न्याय की मांग के लिए सभी दरवाजे खटखटाए हैं।
गंदापुर ने याचिका में कहा है कि राजनीति से प्रेरित मामलों के कारण खान को लंबे समय तक हिरासत में रखना उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन है। संविधान में इसके लिए पैरोल पर रिहाई का प्रावधान है। लंबे समय तक कारावास में रहने से स्वास्थ्य खराब होने का खतरा रहता है। आरोप लगाया गया कि पीटीआई संस्थापक और पूर्व पीएम इमरान खान ने अपनी हिरासत के दौरान जेल नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।
ये भी पढ़ें: भारत की जवाबी कार्रवाई में लाहौर का एयर डिफेंस सिस्टम तबाह, PAK के रडार हुए बेकार
बता दें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उन पर 100 से अधिक मामलों में आरोप लगाए गए हैं, जिनमें सरकारी रहस्यों को लीक करने से लेकर सरकारी उपहार बेचने तक के मामले शामिल हैं।
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तहरीक ए इंसाफ ने एक व्हाट्सएप संदेश में कहा है कि पार्टी के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने पार्टी संस्थापक की रिहाई के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इमरान खान की रिहाई के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में मुख्यमंत्री केपी अली अमीन ने याचिका दायर की है। इसमें न्यायालय से अपील की गई है कि भारत के साथ वर्तमान हालात को देखते हुए राष्ट्रीय सद्भाव और एकजुटता के लिए और अदियाला जेल में ड्रोन हमले की आशंका के कारण उन्हें तुरंत पेरोल/प्रोबेशन पर रिहा किया जाए।
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अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख तय नहीं की है। खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने बताया कि पूर्व पीएम इमरान खान को मुस्लिम उम्मा (समुदाय) का नेता बताया और न्याय की उम्मीद जताई। उन्होंने देश में कानून और व्यवस्था की कमी है। हमने न्याय की मांग के लिए सभी दरवाजे खटखटाए हैं।
गंदापुर ने याचिका में कहा है कि राजनीति से प्रेरित मामलों के कारण खान को लंबे समय तक हिरासत में रखना उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन है। संविधान में इसके लिए पैरोल पर रिहाई का प्रावधान है। लंबे समय तक कारावास में रहने से स्वास्थ्य खराब होने का खतरा रहता है। आरोप लगाया गया कि पीटीआई संस्थापक और पूर्व पीएम इमरान खान ने अपनी हिरासत के दौरान जेल नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।
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बता दें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उन पर 100 से अधिक मामलों में आरोप लगाए गए हैं, जिनमें सरकारी रहस्यों को लीक करने से लेकर सरकारी उपहार बेचने तक के मामले शामिल हैं।
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