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दुनिया के लिए इस वजह से खतरा बना हुआ है मिस्र, ब्रिटेन और रूस ने उड़ानों पर लगाई रोक

Wed, 24 Jul 2019 04:06 PM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Wed, 24 Jul 2019 04:06 PM IST
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Security situation of Egypt in not good, Lufthansa and British Airways canceled flights
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

मिस्र में सुरक्षा स्थिति काफी खराब बनी हुई है। जिसके चलते ब्रिटिश एयरवेज, जर्मनी लुफ्थांसा और कई अन्य ने कायरो (मिस्र की राजधानी) जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है। इन सभी कंपनियों ने ये फैसला एहतियातन के तौर पर लिया है। हालांकि मामले पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

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ब्रिटिश विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर नागरिकों के लिए सलाह दी गई है। उन्हें कहा गया है कि वह सिनाई में पुलिस और सुरक्षा बलों पर हुए आतंकवादी हमलों के कारण वहां की यात्रा ना करें। लोगों से कहा गया है कि "मिस्र में आतंकवादी हमले की आशंका है, जिसमें उत्तरी सिनाई बेहद संवेदनशील है और पूरे देश में आतंकी हमले का खतरा बना हुआ है।" हालांकि लुफ्थांसा ने रविवार को परिचालन फिर से शुरू कर दिया था। लेकिन ब्रिटेन ने अभी तक नहीं किया है। 
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दो सालों के ठहराव के बाद मिस्र का पर्यटन उद्योग अभी थोड़ा ठीक ही हुआ था, कि उड़ानें रद्द होने से वो फिर प्रभावित हो गया। अरब स्प्रिंग के बाद से ही कई लोगों ने छुट्टियां मनाने के लिए मशहूर इस जगह की यात्रा करना बंद कर दिया था। यहां 2014 में सैन्य तख्तापलट भी हुआ और विदेशियों पर हमले भी। जिससे लोगों को अब यहां आने में डर लगने लगा है।
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मिस्र के विमानन प्राधिकरण के चेयरमैन सैमी अल-हिफनावी ने एयरलाइनों के फैसले की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब भी मिस्र ठीक होता है, तभी कृत्रिम संकट का नाम ले दिया जाता है।

बर्लिन स्थित जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स (एसडब्लूपी) के स्टीफन रोल का कहना है कि मिस्र के अधिकारियों को इस तरह की स्थितियों में खुद को पीड़ित के रूप में चित्रित करने की जल्दी होती है। 

पर्यटकों के लिए खतरनाक

दरअसल, मिस्र में पिछले कुछ समय से सुरक्षा की स्थिति तनावपूर्ण है। मई माह में भी गाजा के पिरामिडों के पास पर्यटकों की एक बस पर हमला हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हो गए। दिसंबर के आखिर तक एक अन्य बस हमले में चार लोगों की मौत हो गई। इन हमलों से देश पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि देश के लिए पर्यटन विभाग राजस्व का प्रमुख स्रोत है। 

ऐसा पहली बार नहीं है जब विमानन सुरक्षा को लेकर मिस्र खबरों में आया है। इससे पहले 2015 में भी ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने शर्म अल शेख जाने वाली उड़ानों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की थी। उसने एक रूसी यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का हवाला दिया था। विमान बम धमाके के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। जिसमें 224 यात्री और क्रू के सदस्यों की मौत हो गई थी। इसके बाद से मिस्र के हवाईअड्डों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे। रूसी एयरलाइंस ने अभी तक मिस्र के किसी भी हवाई अड्डे के लिए उड़ानें फिर से शुरू नहीं की हैं।

Security situation of Egypt in not good, Lufthansa and British Airways canceled flights
pyramid giza egypt

रिपोर्ट के अनुसार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) उत्तरी सिनाई में सक्रिय है। जो मिस्र के सुरक्षा बलों और अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय पर आतंकी हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है। कुछ दिन पहले ही सिनाई में छह नागरिकों के सिर कलम कर दिए गए हैं। कहा गया कि हमलावरों ने तीन और लोगों का अपहरण कर लिया था और रेगिस्तान में भाग गए। बाद में मिस्र की वायुसेना ने घोषणा की कि उसने 20 आईएस समर्थकों को मार दिया है।

एसडब्ल्यूपी के विशेषज्ञ का कहना है कि सिनाई में सुरक्षा सुनिश्चित हो पाना काफी मुश्किल है। इस क्षेत्र में समाचार ब्लैकआउट है और किसी तरह की कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। विशेषज्ञ ने कहा कि यहां से खबरें आती रहती हैं, आतंकियों को मारने की लेकिन क्या वो सभी आतंकी हैं। ये साफ नहीं है। केवल इतना ही नहीं देश के सुरक्षा बलों की भी मौत हुई हैं, लेकिन ये बात साफ है कि उत्तरी सिनाई में स्थिति नियंत्रण में नहीं है।

मानव अधिकारों का उल्लंघन

मानव अधिकार संगठन मिस्र की पुलिस और सेना की आलोचना करते हुए कहते हैं कि ये नागरिक हताहतों की परवाह किए बिना आतंक रोधी अभियान चलाते हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने माना है कि यहां मनमाने ढंग से गिरफ्तारी, असाधारण हत्या, सामूहिक दंड, निष्कासन और गायब होना आदि होता है। जिससे अपराधों को और भी बढ़ावा मिलता है।

एचआरडब्ल्यू के मुताबिक 2014 से जून 2018 के बीच 300 से अधिक कथित इस्लामवादियों और 1200 सुरक्षा बलों की लड़ाई के दौरान मौत हुई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि मिस्र के अधिकारियों ने विद्रोहियों के रूप में सैकड़ों घायल या मारे गए नागरिकों को गलत तरीके से सूचीबद्ध किया है। 12 हजार से अधिक गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
 

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