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जापान: स्कूलों में बढ़ रहे झगड़ों के मामले, अब रोबोट रोकेंगे बदमाशियां
Tue, 09 Apr 2019 12:38 PM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Tue, 09 Apr 2019 12:38 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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जापान के स्कूलों में बच्चों के बीच आपसी झगड़े में इजाफा हो रहा है। अब इस समस्या को हल करने के लिए यहां रोबोट का सहारा लिया जाएगा। यहां कक्षाओं में रोबोट लगाए जाएंगे, ताकि बच्चों की बदमाशी को रोका जा सके।
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बच्चों के बीच होने वाली बहस, आपसी झगड़े जैसे संकेतों को रोबोट तुरंत पहचान सकेंगे। इससे पहले कि झगड़ा और बढ़े वह उसे वहीं पर रोक देंगे। इन रोबोट्स का यही काम होगा। इससे स्कूल के अध्यापकों को काफी राहत मिलेगी और उनका पूरा ध्यान बच्चों की पढ़ाई पर रहेगा।
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जानकारी के मुताबिक यहां के पश्चिमी प्रांत ओत्सु में इसी महीने से इन रोबोटों की तैनाती भी शुरू हो गई है। बीते साल जापान में स्कूली बच्चों के बीच झगड़े के चार लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। इसी शिकायत के कारण दस बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी। जिसके कारण सरकार को ये फैसला लेना पड़ा।
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एक मामला जापान के ओत्सु में 2011 का है। जिसमें 13 साल के एक बच्चे ने आत्महत्या कर ली थी। इसपर ओत्सु शिक्षा बोर्ड ने कहा था कि बच्चे की आत्महत्या का कारण पारिवारिक और तनाव है। लेकिन मामले पर दो साल तक चली जांच में पता चला कि उसने आत्महत्या स्कूली झगड़े के डर से की थी।
पुलिस को जांच में पता चला कि बच्चे को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। केवल इतनी ही नहीं उस बच्चे को कुछ शरारती बच्चों ने मरी हुई मक्खी खाने के लिए मजबूर कर दिया था। उसका गला घोंटा गया और उसकी कॉपी तक फाड़ दी गई थी। जिसके बाद सरकार ने 2013 में एक कानून बनाया। जिसमें कहा गया कि स्कूल और परिसर में होने वाले किसी भी झगड़े को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट किया जाए।
ये कानून देश के सभी स्कूलों पर लागू किया गया। रोबोट की तैनाती के पीछे की एक वजह अध्यापकों का कम अनुभवी होना भी है। जिसके कारण वह बच्चों के इरादों को भांप नहीं पाते। लेकिन रोबोट इन संकेतों को भांप लेगा और झगड़ा बढ़ने से पहले ही उसे रोक देगा।
रोबोट की स्कूलों में तैनाती से पहले उनमें बच्चों के बीच झगड़े के नौ हजार पुराने मामले फीड किए गए हैं। इनका विश्लेषण कराया गया ताकि वह इसे अपनी मेमोरी में ले सकें। फिर कक्षा में बैठे बच्चों के बीच भी उसका परीक्षण किया गया। इस परीक्षण में रोबोट ने बहस और मारपीट की घटना को तुरंत पहचान लिया। साथ ही उसने अध्यापक को आगाह भी किया।