फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Saudi Arabia seeks to avert war, ready to respond with force against Iran

ईरान ने उकसाया तो हम युद्ध के लिए तैयार हैं: सऊदी अरब

Sun, 19 May 2019 08:22 PM IST
बीबीसी Published by: अनिल पांडेय Updated Sun, 19 May 2019 08:22 PM IST
विज्ञापन
Saudi Arabia seeks to avert war, ready to respond with force against Iran
सऊदी अरब युद्ध से निपटने के लिए तैयार है - फोटो : File Photo
बीते मंगलवार को सऊदी अरब की प्रतिष्ठित तेल पाइपलाइनों पर हवाई हमले किए गए थे। इसका जिम्मेदार यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों को माना गया था। सऊदी अरब ने इन हमलों के लिए ईरान पर आरोप लगाए हैं और कहा है कि ईरान के आदेश पर यह हवाई हमले करवाए गए। यमन में मौजूद हूती विद्रोहियों का समूह ईरान की तरफ झुकाव रखता है।
विज्ञापन


दो दिन पहले ही सऊदी अरब के तट पर मौजूद दो तेल टैंकरों और चार जहाजों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। शक ईरान पर जाहिर किया गया लेकिन ईरान ने इनमें से किसी भी हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है।
विज्ञापन


ईरान और अमेरिका के परमाणु संधि से हटने और उसके बाद मध्य-पूर्व में अमेरिकी सेना की तैनाती में हुई बढ़ोतरी की वजह से मध्य-पूर्व में पहले से ही अस्थिरता छाई हुई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबैर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''सऊदी अरब इस इलाके में किसी भी तरह का संघर्ष नहीं चाहता।''
विज्ञापन
विज्ञापन


''हम किसी भी तरह के युद्ध की आशंका से बचने के लिए हर संभव कोशिश करने के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर दूसरी तरफ से हमें युद्ध के लिए उकसाया जाएगा तो हम भी उसका भरपूर जवाब देने के लिए तैयार हैं।''

खाड़ी देशों की आपात बैठक

रविवार को सऊदी अरब के किंग सलमान ने खाड़ी और अरब देशों के नेताओं को न्योता भेजा है कि वो 30 मई को मक्का में एक आपातकालीन बैठक के लिए आएं ताकि इन हमलों के नतीजों पर चर्चा की जा सके।

वहीं संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि अरब और खाड़ी देश में पैदा हुए ताजा हालात का सामना मिलकर करना होगा। इस बीच सऊदी अरब के सुन्नी सहयोगी देश संयुक्त अरब अमीरात ने तेल टैंकरों पर हुए हमलों के लिए किसी पर आरोप नहीं लगाए हैं।

लेकिन अमेरिकी सरकार के दो सूत्रों ने बताया था कि अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि ईरान के उकसावे के बाद ही हूती समूह और इराक स्थित शिया चरमपंथियों ने इन हमलों को अंजाम दिया।

हूती विद्रोहियों की सुप्रीम रिवोल्यूशनरी कमिटी के प्रमुख मोहम्मद अली अल-हूती ने सऊदी की ओर से बुलाए गए अरब शिखर सम्मेलन को खारिज कर दिया है। उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किया है, ''वो सिर्फ युद्ध और तबाही का समर्थन करना जानते हैं।''

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने नार्वे के एक वार्ताकार की रिपोर्ट देखी है जिसमें कहा गया है कि इसकी संभावना है कि संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह के पास जहाजों पर हुए हमले के पीछे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड हों। फुजैराह होर्मुज की खाड़ी के पास ही स्थित है और यहां जहाज ईंधन भरवाते हैं।

सऊदी प्रिंस की अमेरिका से बात

ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरिफ ने किसी भी तरह के युद्ध की आशंकाओं से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी देश के साथ संघर्ष नहीं चाहता साथ ही किसी देश को यह ख्वाब नहीं देखना चहिए कि वह ईरान पर हमला कर सकता है।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी इन्हीं शब्दों को दोहराया है। अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध और कड़े कर दिए हैं ताकि ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह बंद कर दें। इसके साथ ही अमेरिका ने खाड़ी में मौजूद अपनी सैन्य ताकत को भी बढ़ाया है। अमेरिका का मानना है कि खाड़ी में मौजूद अमेरिकी बलों को ईरान से खतरा बढ़ गया है।

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इस संबंध में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के साथ फोन पर बात की है। इस बात की जानकारी सऊदी के सूचना मंत्रालय ने रविवार को एक ट्वीट के जरिए दी।

सऊदी के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबैर ने कहा है, ''हम इलाके में शांति और स्थिरता चाहते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि ईरान हम पर हमला करेगा तो हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे।'' उन्होंने कहा कि अब गेंद ईरान के पाले में है और अब ईरान ही तय करेगा कि वह क्या चाहता है।

उन्होंने ये भी बताया कि समंदर में फंसे ईरान तेल टैंकर के चालक दल के सदस्य अभी भी सऊदी अरब में हैं और उनका ख्याल रखा जा रहा है। इस टैंकर का इंजन खराब हो गया था। चालक दल में 24 ईरानी और दो बांग्लादेशी नागरिक हैं। सुन्नी बहुल सऊदी अरब और शिया बहुल ईरान एक दूसरे के कट्टर विरोधी हैं। कई स्थानीय युद्धों में ये एक दूसरे के विरोधियो का समर्थन करते हैं।

मध्य-पूर्व में बढ़ रहे तनाव के बीच बहरीन ने शनिवार को ईरान या इराक की तरफ यात्रा कर रहे अपने नागरिकों को वहां ना जाने के लिए कहा था। साथ ही जो लोग इन देशों में रह रहे हैं उनसे वापस लौटने के लिए भी कहा गया है।

इसके अलावा अमेरिका की फेडरल एविएशन प्रशासन ने अमेरिकी कॉमर्शियल विमानों को खाड़ी और ओमान की खाड़ी के समुद्र के ऊपर से उड़ान भरते वक्त सतर्क रहने की सलाह जारी की है।


वहीं अमेरिका की बड़ी तेल कंपनी एक्सनमोबिल ने मध्य-पूर्व में बढ़ रहे तनाव का हवाला देते हुए ईराक से अपने कुछ कर्मचारियों को वापस बुलाया है। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये कदम अस्थायी है और एहतियात के तौर पर उठाया गया है। कंपनी ने ये भी कहा है कि उसके पास खतरे के कोई संकेत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed