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सऊदी अरब ने जम्मू-कश्मीर के गलत नक्शे वाला 20 रियाल का नोट वापस लिया, जी-20 समिट से पहले विवाद हल
Fri, 20 Nov 2020 08:56 AM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Fri, 20 Nov 2020 08:56 AM IST
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सऊदी अरब की ओर से जारी 20 रियाल के इस नए नोट पर हुआ था विवाद।
- फोटो : ट्विटर
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सऊदी अरब ने भारत के गलत नक्शे वाले विवाद को सुलझा लिया है। दरअसल, उसने अपने 20 रियाल के उस नोट को वापस ले लिया है, जिस पर भारत का गलत नक्शा प्रकाशित हो गया था। साथ ही, इस बैंकनोट की छपाई भी रुकवा दी है। दरअसल, इस नोट में अविभाजित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत से अलग दिखाया गया था, जिस पर भारत ने सख्त आपत्ति जताई थी। इसके बाद सऊदी अरब ने यह नोट वापस लेने का फैसला किया। बता दें कि सऊदी अरब ने यह बैंकनोट जी-20 समिट के लिए जारी किया गया था, जिसे समिट से पहले ही वापस ले लिया गया। गौरतलब है कि इस बार जी-20 समिट की अध्यक्षता सऊदी अरब कर रहा है।
यह था पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब ने 20 रियाल का नया नोट जारी किया था। इसमें एक तरफ किंग सलमान और जी-20 सऊदी समिट का लोगो था। वहीं, दूसरी तरफ जी-20 देशों का वैश्विक नक्शा था। इस नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान समेत पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग दिखाया गया था। इसके बाद सऊदी अरब में भारतीय राजदूत औसाफ सईद ने 28 अक्टूबर को यह मुद्दा रियाद के सामने उठाया था।
भारत ने दी यह जानकारी
सऊदी अरब के इस फैसले के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस मसले को लेकर सऊदी अरब के अधिकारियों से बातचीत की गई थी। रियाद के साथ-साथ नई दिल्ली में भी सऊदी के अधिकारियों से इस पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया है कि गलत नक्शे वाले बैंकनोट को वापस ले लिया गया है।
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चलन में नहीं आना था यह नोट
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के अधिकारियों का दावा है कि 20 रियाल के इस बैंक नोट को जी-20 समिट की स्मारिका के तौर पर निकाला गया था। यह मुद्रा चलन के लिए नहीं थी। ऐसे में उसे वापस ले लिया गया है।
21 नवंबर से शुरू होगी जी-20 समिट
गौरतलब है कि 15वें जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत 21 नवंबर को होगी। यह कार्यक्रम 22 नवंबर तक चलेगा। 15वें जी-20 समिट की अध्यक्षता सऊदी अरब के किंग करेंगे। इस शिखर सम्मेलन की थीम 'सभी के लिए 21वीं सदी के अवसरों का एहसास' रखी गई है। बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार जी-20 सम्मेलन वर्चुअल तरीके से आयोजित किया जा रहा है।
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यह था पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब ने 20 रियाल का नया नोट जारी किया था। इसमें एक तरफ किंग सलमान और जी-20 सऊदी समिट का लोगो था। वहीं, दूसरी तरफ जी-20 देशों का वैश्विक नक्शा था। इस नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान समेत पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग दिखाया गया था। इसके बाद सऊदी अरब में भारतीय राजदूत औसाफ सईद ने 28 अक्टूबर को यह मुद्दा रियाद के सामने उठाया था।
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भारत ने दी यह जानकारी
सऊदी अरब के इस फैसले के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस मसले को लेकर सऊदी अरब के अधिकारियों से बातचीत की गई थी। रियाद के साथ-साथ नई दिल्ली में भी सऊदी के अधिकारियों से इस पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया है कि गलत नक्शे वाले बैंकनोट को वापस ले लिया गया है।
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चलन में नहीं आना था यह नोट
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के अधिकारियों का दावा है कि 20 रियाल के इस बैंक नोट को जी-20 समिट की स्मारिका के तौर पर निकाला गया था। यह मुद्रा चलन के लिए नहीं थी। ऐसे में उसे वापस ले लिया गया है।
21 नवंबर से शुरू होगी जी-20 समिट
गौरतलब है कि 15वें जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत 21 नवंबर को होगी। यह कार्यक्रम 22 नवंबर तक चलेगा। 15वें जी-20 समिट की अध्यक्षता सऊदी अरब के किंग करेंगे। इस शिखर सम्मेलन की थीम 'सभी के लिए 21वीं सदी के अवसरों का एहसास' रखी गई है। बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार जी-20 सम्मेलन वर्चुअल तरीके से आयोजित किया जा रहा है।