Russia: पुतिन के फरमान से खलबली...कार, साइकिल और पैदल ही सैकड़ों मील दूर इन देशों में भाग रहे हैं रूसी नागरिक
रूस से अकेले या अपने परिवार या दोस्तों के साथ पुरुषों का सामूहिक पलायन हो रहा है। 21 सितंबर को राष्ट्र के नाम पुतिन के संबोधन के तुरंत बाद पलायन शुरू हुआ और पूरे सप्ताह जारी रहा।
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मास्को से रूस की जॉर्जिया के साथ दक्षिणी सीमा तक ड्राइव करने में वेस्वेलोद को चार दिन लगे। उन्हें एक जगह अपनी कार छोड़नी पड़ी और पैदल ही जाना पड़ा। मंगलवार को उन्होंने आखिरकार अपनी 1,800 किमी (1,100 मील) की यात्रा पूरी की और यूक्रेन में रूस के युद्ध में लड़ने के लिए बुलाए जाने से बचने के लिए सीमा पार कर ली। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि 26 साल की उम्र में मैं एक ताबूत में घर नहीं जाना चाहता या किसी के खून से अपने हाथ रंगना नहीं चाहता, एक ऐसे शख्स के लिए जो अपना साम्राज्य बनाना चाहता है। उन्होंने अपने आखिरी नाम का इस्तेमाल नहीं करने को कहा क्योंकि उन्हें आशंका है कि रूस उनसे बदला ले सकता है।
पड़ोसी देश फिनलैंड, जॉर्जिया और कजाखस्तान भागे लोग
वेस्वेलोद उन 194,000 से अधिक रूसी नागरिकों में से एक हैं जो पड़ोसी देश फिनलैंड, जॉर्जिया और कजाखस्तान भाग गए हैं। अधिकतर लोग कार, साइकिल या पैदल ही दूसरे देशों में भाग गए। जब से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आंशिक सैन्य लामबंदी की घोषणा की है, तभी से रूस में ऐसे नजारे दिख रहे हैं। अकेले या अपने परिवार या दोस्तों के साथ पुरुषों का सामूहिक पलायन हो रहा है। 21 सितंबर को राष्ट्र के नाम पुतिन के संबोधन के तुरंत बाद पलायन शुरू हुआ और इस पूरे सप्ताह जारी रहा। शुरुआत में रूसी नागरिकों ने बड़े पैमाने पर एयरलाइन टिकट खरीदे, जिसके दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। लेकिन बाकी लोगों को अपनी कारों में गैस भरानी पड़ी और सीमाओं की ओर जाने वाली सड़कों पर लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ा।
15 किमी लंबा ट्रैफिक जाम
ऑनलाइन सेवा यांडेक्स मैप्स के अनुसार, रूस के उत्तरी ओसेशिया क्षेत्र से जॉर्जिया में सीमा पार करने वाले वर्खनी लार्स की ओर ट्रैफिक जाम मंगलवार को लगभग 15 किमी तक फैला था। सोशल मीडिया ने रूसी सीमा प्रहरियों द्वारा नियमों में ढील देने और लोगों को पैदल पार करने की अनुमति देने के बाद सैकड़ों पैदल यात्रियों को चौकियों पर खड़े दिखाया। इसी तरह कजाकिस्तान में कुछ चौराहों पर लंबी कतारें लगने की सूचना मिली। जॉर्जिया ने कहा कि पिछले सप्ताह से 53,000 से अधिक रूसी देश में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि कजाकिस्तान के अधिकारियों ने कहा कि 98,000 रूसियों ने उसके क्षेत्र में प्रवेश किया है। फिनलैंड बॉर्डर गार्ड एजेंसी ने कहा कि इसी दौरान 43,000 से अधिक रूसी उसके देश पहुंचे हैं।
जॉर्जिया और कजाकिस्तान में बिना वीजा प्रवेश
मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि करीब 3,000 रूसियों ने मंगोलिया में प्रवेश किया, जो देश के साथ सीमा साझा करता है। रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने कहा कि केवल पहले युद्ध कर चुके या अन्य सैन्य सेवा वाले लगभग 300,000 पुरुषों को ही इकट्ठा किया जाएगा, लेकिन विभिन्न रूसी क्षेत्रों से रिपोर्टें सामने आई हैं कि ऐसा नहीं हो रहा है और सामान्य लोगों की भी भर्ती हो रही है जिससे लोगों की आशंका बढ़ गई है। हवाई अड्डों और सीमाओं पर सभी उम्र और पृष्ठभूमि के पुरुषों की भीड़ लगी है। जॉर्जिया और कजाकिस्तान दोनों पूर्व सोवियत संघ के हिस्से रहे हैं और दोनों रूसी नागरिकों को वीजा-मुक्त प्रवेश देते हैं इसलिए सबसे अधिक रूसी इन दो देशों में जा रहे हैं। फिनलैंड और नॉर्वे जाने के लिए वीजा की जरूरत होती है।
रूस पर लगाए गए और प्रतिबंध
वहीं, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ने आज कहा कि रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को सख्त करने की दिशा में नया प्रस्ताव लाया गया है। रूसी उत्पादों पर नया आयात प्रतिबंध लगाया जा रहा है जिससे रूसी अर्थव्यवस्था को 7 बिलियन यूरो के राजस्व से वंचित होना पड़ेगा। कई उत्पाद रूस को निर्यात नहीं किए जा सकेंगे, विशेष रूप से इसके युद्ध मशीनरी के लिए आवश्यक प्रमुख प्रौद्योगिकियां नहीं दी जाएंगी।