फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Russia could not even pay interest for first time in 100 years, still refused to accept it as defaulter

Russia Defaulter: 100 साल में पहली बार ब्याज भी नहीं चुका सका रूस, फिर भी डिफॉल्टर मानने से इनकार

Tue, 28 Jun 2022 12:06 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 28 Jun 2022 12:06 PM IST
सार

रूस को विदेशी कर्ज के ब्याज के रूप में 26 जून को 10 करोड़ डॉलर का भुगतान करना था, लेकिन वह यह चुकाने में विफल रहा। इसके साथ ही वह 1913 के बाद पहली बार डिफॉल्टर बन गया है।

विज्ञापन
Russia could not even pay interest for first time in 100 years, still refused to accept it as defaulter
President Putin - फोटो : Twitter @KremlinRussia_E

विस्तार

यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर लगाई गई अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों का असर दिखने लगा है। 100 साल में पहली बार रूस अपना विदेशी कर्ज तय समय पर नहीं चुका पाया और डिफॉल्टर यानी चूककर्ता बन गया। हालांकि, रूस के वित्त मंत्री एंटन सिलुआनोव ने कहा है कि हमारे पास पैसा है, लेकिन कृत्रिम संकट के कारण यह स्थिति बनी है। 

विज्ञापन

रूस को विदेशी कर्ज के ब्याज के रूप में 26 जून को 10 करोड़ डॉलर का भुगतान करना था, लेकिन वह यह चुकाने में विफल रहा। इसके साथ ही वह 1913 के बाद पहली बार डिफॉल्टर बन गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार रूस की विदेशी कर्ज चुकाने की समयसीमा रविवार को समाप्त हो गई। उसे ब्याज बतौर 10 करोड़ डॉलर चुकाना थे। इसके साथ ही उसे दी गई एक माह की मोहलत भी खत्म हो गई। 
विज्ञापन

पैसा है पर पाबंदियों के चलते भुगतान नहीं कर पा रहे
रूस का कहना है कि उसके पास विदेशी कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त पैसा है, लेकिन पश्चिमी देशों द्वारा उस पर लगाई गई पाबंदियों के कारण वह अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं को पैसा नहीं चुका पा रहा है। वित्त मंत्री सिलुआनोव ने गत माह कहा था कि हमारे पास पैसा है और हम कर्ज चुकाने को तैयार हैं, लेकिन कृत्रिम संकट के हालात पैदा कर दिए गए हैं। इससे रूस के लोगों के जीवन स्तर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

40 अरब डॉलर चुकाना हैं रूस को
रूस को लगभग 40 अरब डॉलर के विदेशी बॉन्ड का भुगतान करना है। इसमें से आधा विदेशी कर्ज है। यूक्रेन जंग के कारण लगी पाबंदियों के कारण रूस की ज्यादातर विदेशी मुद्रा और स्वर्ण भंडार विदेशों में जब्त है। इससे पहले रूस 1913 में बोल्शेविक क्रांति के दौरान डिफॉल्टर बना था। उस समय रूस के जार साम्राज्य का पतन हो गया था और सोवियत संघ बना था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed