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जापान के होटल ने 123 रोबोट को नौकरी से निकालकर वापस इंसानों को रखा

Thu, 17 Jan 2019 02:47 PM IST
अनिल पांडेय वर्ल्ड डेस्क, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, टोक्यो Published by: अनिल पांडेय Updated Thu, 17 Jan 2019 02:47 PM IST
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Robots in japanese hotels robots replacing humans unemployment Hotel removed Robot in Japan
henn-na hotel in southern japan - फोटो : Social Media

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धि) से काम करने वाले रोबोट से लोगों की नौकरियां जाने की कई खबरें आई हैं। लेकिन रोबोट तो आखिर रोबोट ठहरा। इंसान से प्रकृति से मिली बुद्धि का कोई विकल्प नहीं है। जापान के एक होटल में रोबोट की कृत्रिम बुद्धि किसी काम की नहीं रही और उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। होटल को रोबोट की जगह पर फिर से इंसानों को नौकरी पर रखना पड़ा। 

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जापान के क्यू शू द्वीप में 'हेन ना' होटल ने काम पर रखे गए 243 रोबोट्स में से 123 को नौकरी से हटा दिया है। ये रोबोट्स होटल में आने वाले ग्राहकों का काम आसान करने की बजाए उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रहे थे। ये रोबोट्स न तो उनके आसान सवालों का जवाब दे पा रहे थे और न ही कमरे में चैन की नींद सोने दे रहे थे। 
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होटल हेन ना की खास बात यह है कि यहां पहुंचनेवाले ग्राहकों का चेक इन से लेकर चेक आउट तक का सारा काम 243 रोबोट करते हैं। जिन रोबोट्स को काम से हटाया गया है उनमें डॉल के आकार के असिस्टेंट भी शामिल हैं। 
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चुरी नाम के ये रोबोट्स होटल के हर कमरे में यह सोचकर रखे गए थे कि स्थानीय जगह को लेकर ये होटल के मेहमानों के सवालों का जवाब दे पाएं। जब इनसे पूछा जाता कि 'थीम पार्क किस समय खुलता है' तो उनके पास सही जवाब नहीं होता था। 

होटल के कमरे में आए मेहमान गहरी नींद में अगर खर्राटे भरने लगते तो उनके खर्राटों की आवाज सुनकर ये रोबोट उन्हें तब तक सोने नहीं देता था जब तक कि गेस्ट खुद उसका जवाब नहीं दे देता। इससे ग्राहक नाराज होने लगे। 

इसके अलावा डायनासोर जैसे दिखने वाले दो रोबोट्स को हटाया गया है, जिन्हें होटल चेक-इन पर रखा गया था। ये गेस्ट के पासपोर्ट या अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी जैसा काम भी नहीं कर पाते थे। 

दो रोबोट्स को गेस्ट का सामान पहुंचाने के लिए रखा गया था, लेकिन ये होटल के 100 में से सिर्फ 24 कमरों तक ही पहुंच पाते थे। साथ ही बारिश या बर्फबारी के समय ये बंद पड़ जाते थे। 


होटल के मुख्य दरबान रोबोट को भी सही जवाब देना नहीं आता था। इसकी जगह अब इंसान को खड़ा किया गया है। 

'सिर्फ ध्यान बटोरना मकसद नहीं था'

होटल हेन ना के संचालक हिडियो सवाडा का कहना है, "इन रोबोट को सिर्फ ध्यान बटोरने के लिए नहीं रखा गया था। बल्कि हमारी कोशिश टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल करने की थी। होटल की व्यवस्थागत लागत को कम कर हम सिर्फ 5 हजार 600 रुपए में लोगों को ठहरने-खाने की सुविधाएं दे रहे हैं। जबकि अन्य होटलों में इससे दो या तीन गुना ज्यादा बिल चुकाना पड़ता हैं। लेकिन अब हमने ग्राहकों की जरूरत को समझा है। हमने ऐसे रोबोट को काम से हटा लिया है जो ग्राहकों के लिए समस्याएं पैदा कर रहे थे।" 

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