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ईरान मुद्दे पर विश्व ताकतें एकजुट
Updated Wed, 27 Feb 2013 12:26 PM IST
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ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर कजाकिस्तान के शहर अलमाटी में विश्व शक्तियों की बैठक हो रही है। इसमें ईरान भी शामिल है।
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मंगलवार को अलमाटी में एक पश्चिमी राजयनिक ने कहा कि बातचीत 'अच्छी रही' और ये बुधवार को भी जारी रहेगी।
ईरान के मुद्दे पर ये जुलाई 2012 के बाद इस तरह की पहली बातचीत है। इसमें ईरान के वार्ताकार अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, रूस और जर्मनी के अधिकारियों से मिल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय जगत को संदेह है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है जबकि ईरान इन आरोपों से इनकार करता है। ईरान के अनुसार वो शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम चला रहा है जो उसका हक है।
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ईरान 2010 से 20 प्रतिशत के स्तर तक यूरेनियम को संवर्धित कर रहा है, जिसे परमाणु हथियारों के लिए जरूरी उच्च संवर्धन की दिशा में एक अहम कदम माना जाता है।
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बेहाल ईरान
ईरान यूरेनियम का संवर्धन रोकने की अंतरराष्ट्रीय अपीलों को लगातार खारिज करता रहा है। अलमाटी की बैठक में अंतरराष्ट्रीय वार्ताकार ईरान को रियायतें देकर उसे मनाने की कोशिश करेंगे।
यूरोपीय संघ के प्रवक्ता मिशाएल मन का कहना है कि पेशकश के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम की शांतिपूर्ण प्रकृति को लेकर अंतरराष्ट्रीय जगत की चिंताओं पर ध्यान दिया गया है, साथ ही इसमें ईरानी विचारों का भी जिक्र किया गया है।
हमें उम्मीद है कि ईरान इस अवसर का लाभ उठाएगा और लचीलेपन के साथ बातचीत में आएगा और विश्वास बढ़ाने की तरफ ठोस कदमों के बारे में अपनी वचनबद्ध दिखाएगा।
खबरों में कहा गया है कि फोर्दो में यूरेनियम संवर्धन संयंत्र में काम रोकने की एवज में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में कुछ ढील दी जा सकती है।
ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम के चलते लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के कारण उसकी अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। उसे तेल से मिलने वाला राजस्व लगातार घट रहा है। उसकी मुद्रा रियाल के मूल्य में नाटकीय गिरावट आई है और वहां लगातार बेरोजगारी बढ़ रही है।
टकराते तर्क
ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने कहा कि ईरानी पक्ष भी बातचीत लिए प्रस्तावों का एक नया पैकेज पेश करेगा, हालांकि इसमें क्या होगा, ये नहीं बताया गया है।
उधर अमेरिका के नए विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा है कि ईरानी समस्या का अब राजनयिक समाधान तलाशना ही होगा।
उन्होंने कहा कि राजनियक रास्ता भी है। ये साफ रास्ता है। इससे पहले मैं इस बारे में कुछ और बोलूं, मैं चाहता हूं कि इस बातचीत में कोई रास्ता निकले।
उन्होंने साफ किया किया कि राजनयिक समाधान का रास्ता हमेशा हमेशा के लिए खुल नहीं रहेगा। लेकिन उनके शब्दों में ये आज खुला है और अब खुला है।
लेकिन ईरान सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को अब मानना होगा कि ईरान को भी अपने परमाणु संसाधन विकसित करने का अधिकार है।
ईरान सुरक्षा मामलों की संसदीय समिति के प्रमुख अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में बात करने को तैयार है, बशर्ते अन्य पक्ष पहले इस बारे में अपना रवैया बदलें।