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पहले 'बलात्कार' और फिर पुलिस का अत्याचार
बीबीसी
Updated Sat, 20 Jul 2013 06:08 PM IST
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दुबई में बलात्कार की शिकायत करने पर नार्वे की एक महिला को 16 महीने की सजा सुनाई गई है।
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पेशे से इंटीरियर डिजाइनर मार्टे डेबोरा डेलेव के मुताबिक दुबई की एक व्यापारिक यात्रा दौरान उनके साथ बलात्कार हुआ।
24 वर्षीय डेबोरा ने मार्च में हुए इस हादसे के बारे में पुलिस को जानकारी दी तो उनके खिलाफ़ ही शराब पीने, विवाहेत्तर संबंध रखने और झूठी गवाही देने का मामला दर्ज़ कर लिया गया।
पिछले हफ़्ते आरोपों की दोषी पाए जाने के बाद अब वह फ़ैसले के खिलाफ़ अपील कर रही हैं। उनकी अपील पर सितंबर में सुनवाई होगी।
अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बेहद कठोर बताते हुए उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "मैं बहुत परेशान और तनाव में हूं। लेकिन मुझे उम्मीद है कि सब कुछ बेहतर होगा। मुझे इस सब से किसी भी तरह बाहर निकलना है।"
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इस मामले से नार्वे की सरकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता गुस्से में हैं।
डेबोरा के मुताबिक वह अपने सहकर्मियों के साथ 6 मार्च की शाम बाहर गईं हुईं थी जब उनके साथ बलात्कार की घटना हुई।
डेबोरान ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने उनका पासपोर्ट और पैसे जब्त कर लिए और चार दिन बाद उनके खिलाफ़ ही तीन मामले दर्ज़ कर लिए। उन पर विवाहेत्तर संबंध रखने का आरोप भी लगाया गया।
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उनके साथ बलात्कार करने वाले व्यक्ति को भी 13 महीने की सजा सुनाई गई। उस पर भी विवाहेत्तर सेक्स करने और शराब पीने का आरोप लगाया गया।
नार्वे की सरकार ने डेबोरा की सशर्त ज़मानत ले ली है और वे फ़िलहाल दुबई स्थित नार्वे सीमैन सेंटर में रह रही हैं।
हालाँकि मंगलवार को अदालत के फैसले के बाद अब एक बार फिर उन्हें गिरफ़्तार किया जा सकता है।
डेबोरा कहती हैं, "मुझे मंगलवार को ही गिरफ़्तार किया जा सकता था लेकिन मुझे बताया गया है कि फ़िलहाल वे मुझे नहीं खोज रहे हैं।"
आलोचना
इस मामले में नार्वे की सरकार दुबई से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है। नार्वे के विदेश मंत्री एस्पर्न बार्थ ईदी ने घटना की आलोचना करते हुए कहा, "यह न्याय की हमारी धारणा के विपरीत है और मानवाधिकारों के लिए समस्या खड़ी करने वाला है।"
लंदन स्थित अमीरात सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स ने संयुक्त अरब अमीरात से डेबोरा की सज़ा समाप्त करने का आग्रह किया।
संगठन ने कहा, "महिलाओं के प्रति भेदभाव खत्म करने के संयुक्त अरब अमीरात के दावों को उस कानूनी प्रक्रिया से झटका लग रहा है जो यौन अपराध की शिकार महिलाओं को न्याय पाने से रोकता है।"
दुबई के मौजूदा कानून के मुताबिक बलात्कार साबित करने के लिए आरोपी का अपराध स्वीकार करना या फिर चार पुरुष गवाहों का होना जरूरी है।
गौरतलब है कि हाल ही के सालों में दुबई में व्यापक परिवर्तन हुआ है करमुक्त आय के कारण संयुक्त अरब अमीरात का यह मुख्य शहर प्रमुख व्यापारिक केंद्र और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हुआ है।
यह दुनिया के सबसे ज्यादा वैश्विक नागरिकों वाला शहर है जहाँ विदेशी नागरिक स्थानीय नागरिकों से बहुत ज़्यादा तादाद में हैं।
कठोर कानून
लेकिन इस सबके बावजूद यह अभी भी रूढ़िवादी बना हुआ है। यहाँ के कठोर कानूनों में इससे पहले भी कई बार विदेशी फँस चुके हैं।
इससे पहले साल 2008 में एक आस्ट्रेलिया महिला को अपने सहकर्मियों के खिलाफ ड्रग देकर यौन संबंध बनाने के आरोप लगाने के बाद आठ महीने के लिए जेल भेज दिया गया था।
यहाँ सार्वजनिक स्थानों पर प्यार का प्रदर्शन और शराब पीना भी पूरी तरह से गैरक़ानूनी है।
साल 2010 में एक ब्रिटिश जोड़े को रेस्टोरेंट में किस करने के आरोप में एक महीने के लिए जेल भेज दिया गया था। जोड़े का कहना था कि उन्होंने गाल पर किस किया जबकि शिकायत करने वाले व्यक्ति का आरोप था कि उन्होंने होंठों पर किस किया था।
यही नहीं साल 2008 में एक ब्रिटिश जोड़े को एक बीच पर सार्वजनिक सेक्स करने के आरोप में तीन महीने की सजा दी गई थी। हालाँकि इस जोड़े ने भी सभी आरोप नकार दिए थे।