{"_id":"59c779294f1c1b36688b652b","slug":"why-this-leader-not-take-bath","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन तक क्यों नहीं नहाती यह नेता?","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
तीन दिन तक क्यों नहीं नहाती यह नेता?
बीबीसी, हिंदी
Updated Sun, 24 Sep 2017 02:57 PM IST
विज्ञापन
हेलेन जील
- फोटो : AFP
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानी बचाने के लिए आप किस हद तक जा सकते हैं? सोचिए जरा...खैर, आप चाहे जितने तरीके सोचें हम आपको दक्षिण अफ्रीका की एक नेता का पानी बचाने का तरीका बताते हैं। दक्षिण अफ्रीका के एक प्रांत वेस्टर्न केप की नेता हेलेन जील ने बताया कि वे तीन दिन में सिर्फ एक बार ही नहाती हैं और ऐसा वो पानी बचाने के लिए करती हैं।
विज्ञापन
'रोज अपने बाल भी नहीं धोती'
वेस्टर्न केप अपने पहाड़ों और समुद्री किनारों के लिए जाना जाता है। लेकिन कुछ समय से यहां पानी की कमी हो गई है, पिछले साल पड़े सूखे के बाद तो इस इलाके के हालात बहुत ज़्यादा खराब हो गए हैं। इसी वजह से जील ने यह फैसला लिया कि वे तीन दिन में एक बार ही नहाएंगी।
विज्ञापन
पढ़ें: बांग्लादेश ने रोहिंग्या मुस्लिमों को फोन बेचने पर लगाया बैन, पहले सिम कार्ड पर थी पाबंदी
विज्ञापन
अपने इस अनोखे फैसले के बारे में उन्होंने एक लेख में बताया, ''मैंने तीन दिन में एक बार नहाने का फैसला किया है, बाकी दिन मै सिर्फ अपने हाथ धो लेती हूं। पहले मैं रोज अपने बाल धोती थी लेकिन अब सिर्फ नहाने के वक्त ही ऐसा करती हूं। जील दक्षिण अफ्रीका के विपक्षी दल डेमोक्रेटिक एलायंस की संस्थापक हैं।
सोशल मीडिया पर बन रहा मजाक
केपटाउन की बस्तियों में रहने वाली अधिकतर जनता सरकारी नलों से सप्लाई होने वाले पानी पर ही निर्भर रहती है। ऐसे में पानी बचाने के लिए नहाना छोड़ देना कितना बड़ा बलिदान है, लोगों के लिए यह अपने आप में ही किसी मजाक जैसा हो गया है। कई लोग सोशल मीडिया पर जील का मज़ाक बना रहे हैं।
जील पर लगें हैं आरोप
इस बीच, टाइम्स लाइव में प्राकशित हुए एक लेख में कहा गया है कि केप टाउन में स्थित जील के आधिकारिक निवास में वाटर प्यूरिफायर लगा है। यह वाटर प्यूरिफायर जनता के भरे टैक्स के पैसे से लगाया गया है। हालांकि जील ने इन आरोपों को नकारा है। जील ने यह बताने की कोशिश की है कि वे पानी बचाने के लिए कितने प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा, मैं और मेरे पति कम से कम पानी का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं, कई बार मैं इस वजह से अपनी सेहत के प्रति चिंतित हो जाती हूं। इस खबर के बाद भले ही वेस्टर्न केप की जनता हंसी-मज़ाक कर रही हो लेकिन असल में इस इलाके में पानी की कमी एक गंभीर समस्या है।
पढे़ं: UN में सुषमा की 'मार' से बौखलाए पाकिस्तान ने उगला जहर, भारत के खिलाफ जमकर निकाली खीझ
पानी की कमी से जूझता इलाका वेस्टर्न केप के पानी से संबंधित विभाग के अनुसार इस इलाके के आस पास जो बांध हैं उनमें पानी का स्तर 35 प्रतिशत रह गया है। पिछले साल यह 61 प्रतिशत था। इस वजह से यहां प्रति व्यक्ति को एक दिन में 87 लीटर पानी ही इस्तेमाल करने की अनुमति है।
यहां की कुल आबादी 60 लाख है। 2011 में हुई स्टडी के अनुसार आमतौर पर अगर कोई व्यक्ति नहाने के लिए 8 मिनट लेता है तो वह 62 लीटर पानी का इस्तेमाल करता है। यानी जितना पानी एक व्यक्ति को दिन भर में इस्तेमाल करने की इजाजत है, यह उसका 70 प्रतिशत है।
तय सीमा से ज्यादा पानी इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगाया जाता है। लेकिन यह तरीका भी पूरी तरह से कारगर नहीं है। अब इस इलाके में पानी की सप्लाई के कुछ नए तरीकों के बारे में सोचा जा रहा है, जिसमें पानी की रीसाइक्लिंग और भूजल की निकासी शामिल है।