क्या सच में बदल रहा है उत्तर कोरिया अपना चेहरा?

sachin yadavसचिन यादव Updated Tue, 13 Oct 2015 08:57 PM IST
विज्ञापन
why north korea change own behaviour for world?

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के 70वें स्थापना दिवस के मौके पर शनिवार को राजधानी प्योंगयांग में एक भव्य परेड हुई। इस परेड में बड़ी तादाद में बख़्तरबंद गाड़ियां और मिसाइलें शामिल की गईं। रात में हुई ज़ोरदार बारिश की वजह से परेड देर से शुरू हुई, पर परेड के जोश या इसकी तैयारी पर कोई फ़र्क नहीं पड़ा। पार्टी के सबसे बड़े नेता किम जोंग उन परेड में मौजूद थे।
विज्ञापन

पर किसी दूसरे देश का प्रमुख इस मौके पर मौजूद नहीं था। हर पत्रकार पर निगरानी रखने के लिए अधिकारी तैनात किए गए थे। पत्रकारों को किसी भी आम आदमी से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई और कैमरामैन को रिकॉर्डिंग करने से मना कर दिया गया। क्या पिछले दशकों में उत्तर कोरिया में बदलाव आया है ?
साल के ज़्यादातर समय प्योगंयांग शहर में अंधेरा छाया रहता है। आप जैसे ही प्योंगयांग शहर में दाख़िल होते हैं, आपका सबसे पहले साबका पड़ता है अंधेरे से। उत्तरी कोरिया की सैटेलाइट से खींची गई एक बहुचर्चित तस्वीर है, जिसमें डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया अंधेरे में डूबा एक पिंड सा दिखता है।
दूसरी ओर अंतरिक्ष से दक्षिण कोरिया रोशनी में नहाया हुआ दिखता है। लेकिन यह अंधेरा यहां की सड़कों पर हक़ीक़त बन जाता है। जैसे ही अंधेरा होता है, आप एक अपार्टमेंट ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक होकर गुजरें तो शायद ही किसी खिड़की में रोशनी दिखेगी। बिजली की कमी वाले इस देश का यही हाल है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

कुछ लोगों के लिए पैसा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us