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दुनिया की सबसे बोरिंग राजधानी कौन सी है?

Sun, 24 Mar 2013 04:45 PM IST
Updated Sun, 24 Mar 2013 04:45 PM IST
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which is the world's most boring city

ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा के 100 साल पूरे हो गए हैं। खास मकसद से बसाए गए अन्य शहरों की तरह ये शहर भी अब तक बाहरी लोगों को ये भरोसा दिलाने के लिए जूझ रहा है कि उनके आगोश में गर्म राजनीतिक हवाओं के झोंकों के अलावा भी बहुत कुछ है।

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बिल ब्रिसन ने 2000 में अपने यात्रा वृत्तांत में कैनबरा में होने वाली बोरियत के बारे में लिखा था, “कैनबरा: कहीं मर ही न जाऊं?”

इसके नौ साल बाद इकॉनॉमिस्ट ने कहा कि कैनबरा हूबहू प्योंगयांग (उत्तर कोरिया की राजधानी) है, बस वहां कम्युनिस्ट शासक नहीं हैं।

सिडनी अगर तड़क-भड़क वाला शहर है तो मेलबर्न मस्त है। इन सबके बीच कैनबरा आम लोगों के लिए नीरस और बेजान शहर है।

कैनबरा में चलने वाली कई कारों की नंबर प्लेट पर आपको लिखा दिखेगा, “कैनबरा: इतना भी बुरा नहीं है।”

कैनबरा टाइम्स में मनोरंजन मामलों की संपादक जेना क्लार्क का कहना है, “मेरी दोस्त बिल्कुल सही कहती है- कैनबरा ऐसा लगता है जैसे दादी-नानी के घर गए हों।”
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क्लार्क बताती हैं, “अन्य ऑस्ट्रेलियाई शहर चमक-दमक से भरपूर हैं, वहां पर आप रचनात्मक चीजें कर सकते हैं। लेकिन यहां पर सब कुछ प्लास्टिक में लिपटा है। इसका ये मतलब नहीं है कि ये बुरा है। कैनबरा बस बहुत परिपक्व है। उसे पता है कि वो क्या कर रहा है।”
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एक शहर की कहानी


ऑस्ट्रेलिया 1901 में संघीय देश बना। उस वक्त ये तय नहीं हो पाया था कि ऑस्ट्रेलिया की संसद सिडनी में होनी चाहिए या मेलबर्न में।

कई महीनों की खींचतान के बाद बीच का रास्ता निकाला गया और सिडनी के दक्षिण पश्चिम में तीन सौ किलोमीटर दूर एक छोटे से ग्रामीण इलाके को ऑस्ट्रेलिया की राजधानी बना दिया गया।

वॉशिंगटन डीसी की मिसाल का अनुकरण करते हुए ऐसी जगह इस राजधानी क्षेत्र को बसाया गया कि कोई भी राज्य संघीय राजनेताओं पर हावी न हो पाए।

एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता कराई गई ताकि ऑस्ट्रेलिया की नई राजधानी का डिजाइन बेहतरीन हो। शिकागो के एक आर्किटेक्ट दंपत्ति वाल्टर और मारिओन ग्रिफिन इस प्रतियोगिता के विजेता बने और 1913 में वृत्त, त्रिभुज और षटकोण जैसी ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित उनके डिजाइन को मूर्त रूप देने का काम शुरू हुआ।

एक सदी बाद आज कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया की संसद के दोनों सदन, हाई कोर्ट, नेशनल गैलरी और बड़ी संख्या में सरकारी विभाग और देश की सैन्य प्रशिक्षण अकादमियां हैं।

इसकी साढ़े तीन लाख की आबादी सात अलग अलग जिलों में रहती है और इनमें से हर जिले में एक व्यावसायिक केंद्र है।

कैनबरा की तरह दुनिया में कई और देशों की राजधानी बसाई गई हैं। इसमें ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया, बर्मा की राजधानी नेपितॉ और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शामिल हैं।

इन सभी शहरों की तरह कैनबरा का डिजाइन भी उस देश की आत्मा और दिल को आत्मसात नहीं कर पाया जिन पर इन शहरों से राज होता है।

किसके लिए अच्छा कैनबरा

ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीटर मैकडोनाल्ड कहते हैं, “प्रशासनिक राजधानियां सामान्य तौर पर संघ की विशेषता होती है, जैसा कि ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में देखने को मिलता है।”

छह साल कैनबरा में रह चुके पूर्व सरकारी कर्मचारी एंड्रयू उरे कहते हैं, “अगर आपके छोटे छोटे बच्चे हों और आपको शांति पसंद हो तो कैनबरा अच्छा है, लेकिन मेरे लिए तो जब मैंने कैनबरा छोड़ा तो वो मेरी जिंदगी की सबसे बढ़िया ड्राइव थी।”


उरे बताते हैं कि हर शुक्रवार को कैनबरा से हजारों लोग गाड़ियों में भर कर सिडनी जाते हैं और वहीं अपना वीकेंड मनाते हैं।

लेकिन शहर प्रशासन पूरी कोशिश में हैं कि इस छवि को बदला जाए।

शहर के शताब्दी समारोहों से जुड़े जेरमी लासेक कहते हैं, “हम समझते हैं कि हम कम से कम ऑस्ट्रेलिया के दूसरे शहरों के बराबर ही हैं। हम ऐसा दिखना भी चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमें बनावटी शहर या असामान्य शहरों की उपाधि से नवाजा जाए।”

शताब्दी समारोहों के तहत कई सांस्कृतिक आयोजन और खेल गतिविधियां जारी हैं और लासेक को उम्मीद है कि 2013 में रिकॉर्ड संख्या में लोग कैनबरा आएंगे।

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