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कहां है आज सद्दाम के बेटे का 'बॉडी डबल'
बीबीसी हिंदी
Updated Mon, 21 Jan 2013 09:46 AM IST
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पूर्व इराकी सैनिक लतीफ याहिया खुद को सद्दाम हुसैन के बेटे के ‘बॉडी डबल’ बताते हैं। यानी उदय हुसैन के ऐसे हमशक्ल जो खतरे वाली स्थितियों या अहम मौकों पर उनकी जगह जाते थे।
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सद्दाम हुसैन और उदय हुसैन कई साल पहले मारे गए लेकिन लतीफ याहिया की ज़िंदगी मानो थम सी गई है। उनकी शादी आयरलैंड की एक महिला से हुई है और उनका बच्चा भी आयरिश है लेकिन उन्हें आयरिश नागरिकता नहीं मिल रही। उनकी लड़ाई 11 साल से जारी है।
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लतीफ इराकी सेना में लेफ्टिनेंट थे और उनका कहना है कि 1983 में उन्हें जबरन उदय हुसैन का बॉडी डबल बनाया गया था।
सद्दाम हुसैन और उनके दोनों बेटे जब अहम राजनीतिक समाराहों में जाते थे तो अपने बॉडी डबल को भेजते थे। लतीफ बाद में सीआईए की मदद से इराक से भागने में सफल रहे थे।
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उनका दावा है कि जब इराक ने कुवैत पर हमला किया था तो इराकी सैनिकों को उदय हुसैन बनकर उन्होंने ही संबोधित किया था।
प्लेबॉय, हत्यारा...
बाद में लतीफ ने आयरिश महिला से शादी कर ली। फिलहाल में बेल्जियम वे है, जहां आयरिश इंडिपेनडेंट अखबार के कानूनी मामलों के संपादक डीयरबहेल ने लतीफ से बात की। संपादक ने बीबीसी को बताया कि लतीफ ने कहा कि वे बहुत आहत हैं कि न्याय मंत्री ने कोई फैसले लेने से मना कर दिया है।
लतीफ की शिकायत थी कि उनकी शादी आयरिश महिला से हो चुकी है, बच्चा आयरिश है और इसी आधार पर पहले नागरिकता मिल जाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं कर रहे। लतीफ ने कहा कि अगर कल को आयरलैंड में उसकी मौत हो जाती है तो विदेश में मरने वाला एक विदेशी होकर रह जाएगा।
ये स्पष्ट नहीं है कि पहले किस आधार पर लतीफ की नागरिकता की अर्जी नामंजूर की गई थी। लतीफ याहिया की आत्मकथा पर पिछले साल द डेविल्स डबल नाम की फिल्म भी बनी थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उदय हुसैन की छवि प्लेबॉय की थी।
लेकिन इराक में वो अपहरण, लड़कियों की हत्या और बलात्कर, विरोधियों की प्रताड़ना के लिए जाने जाते थे। बाद में तो उनका अपने पिता सद्दाम हुसैन से भी रिश्ता खराब हो गया था क्योंकि एक पार्टी में सद्दाम के एक निजी सेवक की हत्या कर दी थी।