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कभी सुबक-सुबक कर रोने वाले पुतिन, क्या चौथी बार बनेंगे रूस के राष्ट्रपति? 

बीबीसी, हिन्दी Updated Wed, 07 Mar 2018 04:35 PM IST
व्लादिमीर पुतिन
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रूस व्लादिमीर पुतिन को लगातार चौथी बार राष्ट्रपति चुनने की तैयारी कर रहा है। इस पद के लिए चुनाव आगामी 18 मार्च को होने है। दुनिया की राजनीति में पुतिन सख्त और ताकतवर नेता के रूप में जाने जाते हैं, पर उनके जीवन में एक वक्त ऐसा भी आया था जब वो सुबक-सुबक कर रोए थे। और वो वक्त था जब पुतिन रूस के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने थे। वो उस समय राष्ट्रपति बनने की दौड़ में शामिल थे। बीबीसी के ग्रेबिएल गेटहाउस उस पल को याद करते हैं।
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व्लादिमीर पुतिन के 18 साल के शासनकाल में कई बुरे दौर आए पर वो सबसे कमजोर उस समय पड़ गए थे जब एंतोली सोबचाक को दफनाया जा रहा था। यह तारीख थी 24 फरवरी, 2000। इस दिन उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।

एंतोली सोबचाक उनलोगों में शामिल थे जिन्होंने सोवियत संघ के खात्मे की लड़ाई लड़ी थी। ये वही थे जो रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी में काम करने वाले एक अधिकारी व्लादिमीर पुतिन को राजनीति में लेकर आए थे। यह कोई नहीं जानता कि उन्होंने यह फैसला क्यों लिया। लेकिन आज सोवियत सुरक्षा तंत्र का एक गुट रूस की सत्ता पर ऐसे राज कर रहा है, जिससे देश में लोकतंत्र महज नाम का रह गया है। मार्च में होने वाले चुनाव में यूं तो आठ उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन पुतिन को 'मुख्य उम्मीदवार' माना जा रहा है और परिणाम पर कोई संदेह भी नहीं है।

एक प्रतिद्वंदी उम्मीदवार इसे "फर्जी चुनाव" बताती हैं। वो कहती हैं, "जैसे जुआ घर में एक गुट की हमेशा जीत होती है वैसे ही रूस के लोकतंत्र में जीत हमेशा पुतिन की ही होगी।" ऐसा कहने वाली उम्मीदवार का नाम है- कसेनिया सोबचाक। ये कोई और नहीं एंतोली सोबचाक की बेटी हैं जिन्होंने पुतिन को 'राष्ट्रपति पुतिन' बनाया।
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सत्ता के खिलाफ पत्रकारिता करती हैं कसेनिया

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