जब प्रिंस चार्ल्स के अभिवादन के दौरान भी बैठे ही रहे नाइजेल
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विमान दुर्घटना में बाल-बाल बचे नाइजेल फैराज यूके इंडिपेंडेंस पार्टी (यूकिप) के नेता हैं। मई 2010 में चुनाव प्रचार के दौरान नाइजेल फैराज का छोटा विमान एक खेत में गिर गया था, उन्हें चोट तो आई लेकिन जान बच गई। दुर्घटना की जाँच के बाद पता चला कि उनके विमान में यूकिप का बैनर लगा था जो प्लेन के पंखे में फँस गया था जिसकी वजह से विमान गिरा था।
छह साल बाद उसी यूकिप पार्टी का बैनर लहरा रहा है और नाइजेल फैराज गर्व से तनकर खड़े हैं। वे 1992 तक कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य हुआ करते थे। पार्टी से मतभेद के बाद उन्होंने ब्रिटेन को 'यूरोपीय नियंत्रण' से मुक्त कराने का अभियान शुरू कर दिया। वे पिछले छह सालों से यूके इंडिपेंडेंस पार्टी (यूकिप) के अध्यक्ष हैं, लंदन के एक नामी स्कूल से पढ़े नाइजेल राजनीति में आने से पहले कॉमोडिटी एक्सचेंज में ब्रोकर थे।
नाइजेल फैराज 1999 में पहली बार यूरोपीय संसद के सदस्य चुने गए थे, जिसके बाद से अब तक वे साउथ इंग्लैंड से लगातार ये चुनाव जीतते रहे हैं। वे ब्रितानी सांसद बनने के लिए पाँच बार चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ये अपने आप में दिलचस्प बात है कि वे पिछले 17 सालों से उस सदन के सदस्य हैं जिसका वे लगातार विरोध करते रहे हैं और ब्रिटेन को उसके प्रभाव से मुक्त कराना चाहते हैं।
'प्रिंस चार्ल्स के सलाहकार मूर्ख हैं'
नाइजेल विवादास्पद बयानों और आप्रवासियों के खिलाफ बोलने की वजह से जाने जाते रहे हैं, उन्हें ब्रितानी राजनीति के संदर्भ में अति-दक्षिणपंथी नेता कहा जाता है। वे उस वक्त भी चर्चा में आए थे जब प्रिंस चार्ल्स यूरोपीय संसद में जलवायु परिवर्तन पर भाषण देने पहुँचे थे, भाषण के बाद सभी सांसदों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया, एक ही व्यक्ति बैठा रहा, वो थे नाइजेल।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, तो जवाब में उन्होंने कहा कि प्रिंस चार्ल्स के सलाहकार मूर्ख हैं, यूरोपीय संसद को मजबूत करने की बात कहने की सलाह उन्हें किसने दी? वे ब्रिटेन को कमजोर करना चाहते हैं क्या? डेविड कैमरन पर जनमत संग्रह कराने के लिए उन्होंने लंबे समय से दबाव बना रखा था।
यूरोपीय नियमों, कानूनों और नीतियों को मानने के लिए वे ब्रितानी सरकार की कटु आलोचना करते रहे हैं। जब 2015 में कैमरन पूर्ण बहुमत से चुनाव जीतकर आए तो उन्हें लगा कि वे जनता में लोकप्रिय हैं, अगर जनमत संग्रह करा दिया जाए तो वे जीत जाएँगे और अति दक्षिणपंथी नेताओं की हवा निकल जाएगी।
लेकिन कैमरन के जमकर 'रीमेन इन ईयू' का प्रचार करने के बावजूद नाइजल का 'लीव ईयू' कैम्पेन इंग्लैंड और वेल्स में कामयाब रहा। 2014 में टाइम्स समाचारपत्र ने उन्हें ब्रिटेन का सबसे प्रभावशाली नेता माना था।