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'तंग कपड़े पहनोगी तो छेड़ी जाओगी'

Wed, 13 Feb 2013 11:13 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Wed, 13 Feb 2013 11:13 PM IST
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wear tight clothing be sexual assault in egypt

मिस्र में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के मामले खुलेआम हो रहे हैं। इंटरनेट पर आप मोबाइल से रिकॉर्ड की गई वो फ़ुटेज देख सकते है जिसमें ये दिखाया गया है तहरीर चौक पर खड़ी महिलओं को अचानक दर्जभर पुरुषों ने घेर लिया, उठाकर ले जाते हुए जबरदस्ती छूने की कोशिश की और हमला किया।

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ऐसी ही एक घटना 24 साल की शौरोक अल अतर के साथ हुई। उन्होंने बताया, "मैं बहुत ही असुरक्षित महसूस कर रही हूं। मेरे साथ ये हादसा उस गली में हुआ जहां मैं रहती हूं। मुझे अपने घर के बाहर निकलने में भी डर लग रहा था। मैं तीन से चार दिन घर में अकेली रही और इसी हादसे के बारे सोचती रही। मैं बहुत दुखी थी। मैं चाहकर भी कुछ और सोच नहीं पा रही थी। मैं रोती जा रही थी और यही सोच रही थी कि मेरे साथ ये हादसा क्यों हुआ।"
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एक दिन में 22 मामले
ऐसी घटना केवल शौरोक के साथ हुई हो ऐसा नहीं है। मिस्र में कई महिलाएं सदमे में है और यही सवाल पूछ रही है। तहरीर चौक पर जनवरी महीने में केवल एक दिन में 22 मामले यौन प्रताड़ना के रिपोर्ट दर्ज किए गए। इन घटनाओं के बाद से ही वहां सैकड़ो लोगों ने काहिरा में विरोध प्रदर्शन किए और ऐसे हमलों को रोकने की मांग की।
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ये इस बात के संकेत देता है कि यहां चीज़े कितनी खराब हो रही है, जो लोग महिलाओं के खिलाफ यौन प्रताड़ना का मुद्दा उठा रहे है उनपर ही ऐसे विरोध प्रदर्शनों में हमले हो रहे हैं।

हाल के सालों में देखा गया है कि मिस्र में महिलाए यौन हिंसा की आदि हो गई हैं, खासतौर अगर आप बड़े समूह में हों। काहिरा में ईद की छुट्टी के दौरान तो माहौल और खतरनाक हो जाता है।

तहरीक चौक जहां लोग आंदोलन के लिए जमा होते है, जिसे विरोध-प्रदर्शनों का गढ़ माना जाता है वो अब मिस्र के युवाओं और लोगों को अपनी और खींचता ताकि वो वहां महिलाओं पर तीखी टिप्पणी कर सके उन्हें सता सके और उन पर हमला कर सके।

लेकिन इन सबका तहरीक चौक के आसपास के युवाओं पर कोई असर नहीं दिखता। एक युवा ने कहा, "अगर आप यहां किसी महिला को भड़काऊ लिबास में देखे तो क्या कर सकते हैं, आप अपने आप को रोक ही नहीं सकते।"

वहीं एक दूसरे शख्स ने कहा, "हम बहुत निराश हैं।हमारे पास न नौकरी है न पैसा।आप हमसे क्या उम्मीद कर सकते हैं।"

तंग कपड़ों का सवाल
इन लोगों ने बातचीत में माना कि वो तहरीर चौक पर महिलाओं को देखने गए थे और हालांकि इन लोगों ने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने कभी महिलाओं पर हमला किया हो लेकिन उनसे बातचीत करने के दौरान ये निकलकर आ रहा था कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने में उन्हें कोई बुराई नहीं दिखती है।

साथ ही इन लोगों को बलात्कार का मुद्दा भी एक मज़ाक की तरह लगा। एक युवा ने कहा, "अगर महिलाएं नहीं चाहती कि उनके साथ छेड़छाड़ हो तो उन्हें तंग कपड़े नहीं पहनने चाहिए और यहां नहीं आना चाहिए।"


ये स्पष्ट है कि ये एक सामाजिक समस्या है और अब ये हाथ से निकल गई है और अब इसका समाधान नहीं निकाला जा सकता। लेकिन क्या इससे भी कुछ खतरनाक हो सकता है।

मिस्र में अस्थायी और असुरक्षित माहौल का सीधा प्रभाव महिलाओं पर उसी जगह पड़ रहा है जो जगह सभी मिश्रा निवासियों के लिए अपेक्षित आजादी का प्रतीक थी। और इस बात के लक्षण कम ही दिख रहे हैं की इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है।

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