{"_id":"58a6f21f4f1c1b921ad84893","slug":"we-need-solid-evidence-to-back-india-to-ban-masood-azhar-at-un-says-china","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मसूद अजहर पर चीन ने कहा, पुख्ता सबूत मिलने पर ही करेंगे भारत का समर्थन","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
मसूद अजहर पर चीन ने कहा, पुख्ता सबूत मिलने पर ही करेंगे भारत का समर्थन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Feb 2017 07:01 PM IST
विज्ञापन
d
भारत के साथ रणनीतिक वार्ता से पहले शुक्रवार को चीन ने जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंवादी घोषित करने के मामले में बयान दिया है। चीन का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र में भारत और अमेरिका का समर्थन करने के लिए उसे पुख्ता सबूत चाहिए।
बताते चलें कि भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर और चीन के उनके समकक्ष जांग यूसी 22 फरवरी को बीजिंग में रणनीतिक चर्चा करेंगे।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा कि दोनों पक्ष अंतराष्ट्रीय मामलों में गहराई से अपनी बातें रखेंगे। वहीं, दूसरे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात करेंगे। यह भारत और चीन के बीच महत्वपूर्ण संवाद साबित होगा। इससे मतभेद कम होंगे और नया सामंज्यस बनाया जा सकेगा।
जेंग ने कहा कि मसूद अजहर मामले में चीन भारत के प्रस्ताव का तभी समर्थन करेगा, जब उसे पूख्ता सबूत मिलेगा। चीन न्याय, निष्पक्षता और प्रोफेशनलिज्म के सिद्धांतों का समर्थन करता है। हमारा मानदंड सिर्फ पूख्ता सबूत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताते चलें कि भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर और चीन के उनके समकक्ष जांग यूसी 22 फरवरी को बीजिंग में रणनीतिक चर्चा करेंगे।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा कि दोनों पक्ष अंतराष्ट्रीय मामलों में गहराई से अपनी बातें रखेंगे। वहीं, दूसरे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात करेंगे। यह भारत और चीन के बीच महत्वपूर्ण संवाद साबित होगा। इससे मतभेद कम होंगे और नया सामंज्यस बनाया जा सकेगा।
विज्ञापन
जेंग ने कहा कि मसूद अजहर मामले में चीन भारत के प्रस्ताव का तभी समर्थन करेगा, जब उसे पूख्ता सबूत मिलेगा। चीन न्याय, निष्पक्षता और प्रोफेशनलिज्म के सिद्धांतों का समर्थन करता है। हमारा मानदंड सिर्फ पूख्ता सबूत है।
विज्ञापन
Trending Videos
एनएसजी में भारत की एंट्री बहुपक्षीय मुद्दा
China economy
जेंग ने कहा कि 1267 कमेटी पर डेवलेपमेंट के बारे में कहा कि संबंधित देशों ने कमेटी के सामने एक और अर्जी दी है। कमेटी के सदस्य संबंधित पक्षों से बात कर रहे हैं और आम सहमति बनाने पर बात हो रही है।
एनएसजी में भारत की एंट्री पर उन्होंने कहा कि यह एक बहुपक्षीय मुद्दा है। चीन आज भी टू-स्टेप अप्रोच पर कायम हैं। इसके तहत पहले एनएसजी के सदस्य गैर-परमाणु अप्रसार संधि वाले देशों की एंट्री को लेकर सिद्धांत तैयार करें, जिसके बाद संबंधित मामलों पर चर्चा की जाए।