जब वोद्का ने छुड़ाए पुतिन के पसीने
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रूस की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और तेजी से लुढ़कते रूबल का दबाव इतना अधिक हो गया है कि इसे कैसे संभाला जाय राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भी नहीं समझ पा रहे हैं।
वोद्का की कीमतों में तेजी से बढ़ोत्तरी पर काबू पाने के लिए पुतिन को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुतिन वोद्का के बढ़ते दामों को नियंत्रित करने के लिए सरकार को उपाय करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि ऊंची कीमतों से अवैध और असुरक्षित शराब की खपत बढ़ा दी है। तेल की गिरती कीमतों और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से हाल ही में रूस की मुद्रा रूबल के दाम तेजी से गिरे हैं।
तो रूस हो जाएगा मंदी का शिकार
देश के पूर्व वित्तमंत्री ने चेताया है कि अगले साल तक रूस मंदी का शिकार हो जाएगा। पुतिन ने संबंधित एजेंसियों को दामों पर नियंत्रण करने के लिए निर्देश दिया है और साथ ही कहा है कि अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ सरकार को सख़्ती से निपटना चाहिए।
समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक पिछले साल किए गए एक अध्ययन में एक अग्रणी विश्वविद्यालय ने कहा था कि अपने पचासवें दशक के मध्य तक जाते जाते 25 प्रतिशत रूसी मौत का शिकार हो जाते हैं। कम उम्र में हुई इन मौतों के कारणों में शराब भी एक कारण था।
रायटर्स के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले आधा लीटर वोद्का का सरकार नियंत्रित मूल्य 30 प्रतिशत बढ़कर 220 रूबल (करीब 260 रुपये) हो गया है। महंगाई केवल वोद्का क़ीमतों में ही नहीं आई है। इस समय रूस में वार्षिक मुद्रा स्फीति 9.4 प्रतिशत पर है।