यूक्रेन में हिंसा, राष्ट्रपति का समझौते का दावा
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यूक्रेन की राजधानी किएफ़ में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों में कई लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रदर्शनकारी अब मुख्य धरनास्थल पर जमे हुए हैं लेकिन वहां से हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं है। इस बीच इस संकट को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है और माना जा रहा है कि राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच मध्यावधि चुनावों के लिए सहमत हो सकते हैं।
राष्ट्रपति यानुकोविच ने कहा है कि इस संकट को निपटाने के लिए एक समझौता हो गया है लेकिन इस बारे में विपक्ष ने कोई टिप्पणी नहीं की है। उधर यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों में यूक्रेन में जारी 'हिंसा और बल के बेजा प्रयोग के लिए ज़िम्मेदार' अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति बन गई है। यूरोप संघ के विदेश मंत्रियों की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस प्रतिबंध में संपत्ति को जब्त करना और वीज़ा देने पर पाबंदी लगाना शामिल है और इन प्रतिबंधों को 'तत्काल रूप से' लागू किया जाएगा।
आपात बैठक
यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन दिनों में शहर में 77 लोग मारे गए हैं जबकि 577 घायल हुए हैं। मरने वालों में पुलिस वाले भी शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख कैथरीन एश्टन के साथ अन्य यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा करने के लिए ब्रसेल्स में एक आपात बैठक बुलाई।
वहीं अमरीकी विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन की सरकार के 20 सदस्यों पर वीज़ा प्रतिबंध की घोषणा कर दी है। हालांकि इन सदस्यों के नाम ज़ाहिर नहीं किए गए हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने 67 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया था लेकिन उनमें से अधिकांश को बाद में छोड़ दिया गया।
इससे पहले गुरुवार को फ्रांस, पोलैंड ओर जर्मनी के विदेश मंत्रियों ने इस मामले का राजनीतिक हल निकालने के लिए राष्ट्रपति यानुकोविच से कई घंटों तक बातचीत की थी। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि यानुकोविच ने इस साल जल्दी चुनाव कराने की इच्छा जताई है।
मध्यावधि चुनाव
यानुकोविच की सहयोगी हाना हरमन ने कहा कि राष्ट्रपति शांति बहाल करने के लिए कुछ समझौता करने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों को जल्दी कराने की मांग प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों की प्रमुख मांगों में शामिल है। देश में राष्ट्रपति चुनाव अगले साल होने हैं। यूक्रेन में जारी अशांति की शुरुआत बीते साल नवंबर में तब हुई थी जब राष्ट्रपति यानुकोविच ने रूस के साथ संबंधों को तरजीह देते हुए यूरोपीय संघ के साथ एक समझौते को ख़ारिज़ कर दिया था।
तभी से देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की पुलिस से लगातार झड़पें होती रही हैं जो हाल के दिनों में चरम पर पहुंच गईं। उधर क्लिक करें रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन में एक मज़बूत सरकार की ज़रूरत है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन के राजदूत को तलब किया और कहा कि यूक्रेन की सरकार को हिंसा बंद करनी चाहिए।