'दोस्तों पर भरोसा करो, जासूसी नहीं'

sachin yadavसचिन यादव Updated Fri, 25 Oct 2013 08:11 AM IST
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जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा है कि दोस्तों को एक-दूसरे की जासूसी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। मर्केल ने ये बात अमेरिका द्वारा उनके फोन कॉल्स की कथित जासूसी करने के संदर्भ में कही हैं।
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यूरोपीय संघ के एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्रसेल्स पहुंचने पर उन्होंने कहा, "हमें अपने सहयोगियों और दोस्तों पर भरोसा करने के ज़रूरत है और ये भरोसा कायम रखने की भी ज़रूरत है।"
उन्होंने कहा कि बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से बातचीत में उन्होंने अपनी बात उन्हें बता दी है।
अमेरिकी निगरानी के मुद्दे पर यूरोपीय संघ के दूसरे नेताओं ने भी चिंता जताई।

एक अन्य घटनाक्रम में, इटली के एक साप्ताहिक अखबार ने लिखा है कि अमेरिका और ब्रिटेन इटली में इंटरनेट और फोन लाइनों की जासूसी कर रहे थे।

राजदूत तलब
इस बीच, अमेरिकी खुफिया संस्थाओं द्वारा जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्कल के मोबाइल फ़ोन कॉल की जासूसी के आरोपों के सिलसिले में जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया है।

अमेरिकी राजदूत जॉन इमरसन जर्मनी के विदेश मंत्री गुइडो वेस्टरवेले से मिलेंगे। इन दो क़रीबी सहयोगियों के बीच इस मुलाक़ात को एक असाधारण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

एंजेला मर्केल ने इन दावों के बारे में "पूरी सफ़ाई" मांगी है। बुधवार को एंगेला मर्केल ने जासूसी के दावों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से बात की थी और उनसे कहा था कि ये कदम 'विश्वासघात के बराबर' है।
 
जर्मनी के अलावा फ्रांस ने भी जासूसी के आरोप लगाए हैं।

व्हाइट हाउस के मुताबिक राष्ट्रपति ओबामा ने जर्मन चांसलर को बताया कि क्लिक करें अमेरिका उनके फ़ोन कॉल की जासूसी नहीं कर रहा था और न ही कभी भविष्य में ऐसा करेगा।

लेकिन इससे ये स्पष्ट नहीं होता कि क्या अतीत में मर्केल की फ़ोन कॉल्स सुनी गई थीं या नहीं।

'अस्वीकार्य कदम'
यूरोपीय संघ की बैठक से पहले उस पर जासूसी का मुद्दा छाया रहा। इस बैठक में यूरोप की डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्थिक बहाली और आप्रवासन के मुद्दों पर चर्चा होनी है।

फ्रांस में भी लाखों फ़ोन कॉलों की निगरानी की ख़बरें सामने आने के बाद राष्ट्रपति फ़्रांसुआ ओलांद पहले ही इस मुद्दे को यूरोपीय बैठक के कार्यक्रम में शामिल करने की बात कह चुके हैं।

बीबीसी के यूरोपीय मामलों के संपादक गेविन ह्युइट का कहना है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा संस्था, एनएसए, की यूरोप में गतिविधियों के बारे में कई और यूरोपीय नेता भी अमेरिका से स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।

सरकार द्वारा फ़ोन कॉलों की निगरानी का जर्मनी में ख़ास महत्व है। एंजेला मर्केल पूर्व जर्मनी में पली-बढ़ी हैं जहां फ़ोन टैपिंग बड़े पैमाने पर होती थी।

जुलाई में जर्मनी के मीडिया ने एडवर्ड स्नोडेन की वो टिप्पणियाँ छापी थीं जिनमें स्नोडन ने इशारा किया था कि अमेरिका की एनएसए, जर्मनी और कई और पश्चिमी देशों के साथ 'कोई प्रश्न नहीं पूछे जाने' की नीति के आधार पर काम कर रही थी। इसमें जर्मनी में इंटरनेट ट्रैफ़िक, ईमेल और फ़ोन कॉलों की निगरानी करना शामिल था।

लेकिन एंजेला मर्केल ने ऐसे किसी भी सहयोग की जानकारी से इंकार किया था।

इससे पहले जून में अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने चांसलर मर्केल को भरोसा दिलाया था कि जर्मन नागरिकों की लगातार जासूसी नहीं हो रही है। उस वक्त और ज़्यादा संदेह नहीं करने के लिए जर्मन विपक्ष ने एंगेला मर्केल की आलोचना की थी।
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