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दो हफ़्तों में अफ़ग़ान सूबा छोड़े अमेरिकी फौज: करज़ई
Updated Mon, 25 Feb 2013 10:13 AM IST
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अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने देश में तैनात विशेष अमेरिकी सुरक्षा बलों को आदेश दिया है कि वो दो सप्ताह के भीतर वार्दाक सूबे से निकल जाएं।
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हाल के दिनों में वार्दाक प्रांत में स्थानीय लोगों के लापता होनें या फिर हिंसक प्रताड़ना के कई मामले सामने आए थे।
राष्ट्रपति करज़ई के प्रवक्ता का कहना है कि अमेरिका की सेना का हिस्सा समझे जाने वाले कुछ अफ़ग़ानियों के कारण यह कदम उठाया गया।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह दुर्व्यवहार के आरोपों की गंभीरता से समीक्षा रहे हैं लेकिन विशेष सुरक्षा बलों के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि ये एक बेहद महत्वपूर्ण मामला है और जब तक वो सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से बात नहीं कर लेते इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।
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राष्ट्रपति करज़ई के कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिकी फौजों को देश छोड़ने का आदेश राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया और उन्हें अगले दो सप्ताह के भीतर वार्दाक से निकलना होगा।
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हिंसा, यातना के मामले
बयान में कहा गया है कि काफी विचार करने के बाद ये साफ हो गया कि अमेरिकी विशेष सुरक्षा बल के नाम पर कुछ हथियार बंद लोग वार्दाक प्रांत में निर्दोषों के साथ हिंसक बर्ताव, प्रताड़ना जैसे काम को अंजाम दे रहे है।
राष्ट्रपति का बयान
बयान में कहा गया है, “वहाँ कुछ लोग हैं, कुछ अफगान हैं जो अमेरिकी फौजों के साथ हैं काम करते हैं, लेकिन हमारे संसाधनों और राज्य में काम करने वाले अधिकारियों के अनुसार यह अमेरिकी बलों का हिस्सा हैं।”
हाल की घटना का उदाहरण देते हुए बयान में कहा गया है कि संदिग्ध सुरक्षा बलों के अभियान में नौ लोग लापता हो गए। एक अन्य घटना में एक छात्र को रात में उठा लिया गया और दो दिन बाद में उसका शव बरामद हुआ, जिसके शरीर पर यातना के निशान थे।
अमेरिका का खंडन
हांलाकि अमेरकियों ने इस तरह के किसी अभियान को चलाए जाने का खंडन किया है, साथ ही ऐसी किसी घटना में विशेष बलों के शामिल होने से इनकार किया है।
काबुल में बीबीसी संवाददाता कीरन एलेन का कहना है कि अफ़ग़ान इकाई हिंसा और लोगों की गुमशुदगी के आरोपों का सामना कर रही है और संसद की जाँच रिपोर्ट में उन पर विश्वविद्यालय के एक छात्र का सिर कलम करने का आरोप है।
अमेरिकी विशेष बलों और उनके साथ काम करने वाली स्थानीय सेना की जवाबदेही का मामला अफ़ग़ानिस्तान और अमेरिकी के संबंधों में तनाव का बढ़ता हुआ कारण है।
एक सप्ताह पहले ही राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने अफगान सुरक्षा बलों का प्रतिबंध लगाया था कि वो रिहाइशी इलाकों में अभियान संचालन के दौरान हवाई हमले की मदद नहीं माँग सकते।