{"_id":"5abf60aa4f1c1b9a618b49de","slug":"unsc-north-korea-21-companies-blacklist-restrictions-on-two-chinese-companies","type":"story","status":"publish","title_hn":"UNSC: उत्तर कोरिया की 21 कंपनियां हुईं ब्लैकलिस्ट, चीन की दो कंपनियों को लगा धक्का","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
UNSC: उत्तर कोरिया की 21 कंपनियां हुईं ब्लैकलिस्ट, चीन की दो कंपनियों को लगा धक्का
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 31 Mar 2018 03:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया को तगड़ा झटका दिया है। सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के 27 जहाजों, 21 शिपिंग कंपनियों समेत एक शख्स को संयुक्त राष्ट्र के नियम के उल्लंघन पर ब्लैकलिस्ट किया है। कुछ चीनी कंपनियों को भी सुरक्षा परिषद ने प्योंगयांग में व्यापार करने पर कड़ी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
सुरक्षा परिषद द्वारा जारी की गई सूची में उत्तर कोरिया में स्थित 16 कंपनियां, हांगकांग में पंजीकृत पांच, चीनी मुख्य भूमि पर दो, ताइवान में दो और पनामा और सिंगापुर की एक-एक कंपनी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा कि उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाने के लिए "स्पष्ट संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकजुट हो गया है"।
विज्ञापन
तेल और कोयले जैसे उत्तर कोरियाई वस्तुओं की समुद्री तस्करी पर गिरफ्तारी के तहत अमेरिका द्वारा पिछले महीने प्रस्ताव रखा गया था। बीबीसी के मुताबिक बताया गया है कि कुछ तेल टैंकरों और कार्गो वाहिनियों को दुनिया भर के बंदरगाहों से प्रतिबंधित कर दिया गया है और व्यवसायों को परिसंपत्तियों के फ्रीज का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इससे पहले ट्रंप ने अपने एक ट्वीट के जरिए उत्तर कोरिया पर और प्रतिबंधों की मांग की थी। उधर उत्तर कोरिया द्वारा किये जा रहे परमाणु प्रयोगों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और तानाशाह किम जोंग के बीच गतिरोध लगातार जारी है।
बता दें कि चीनी कंपनियों पर संयुक्त राष्ट्र का लिया गया ये अब तक का सबसे कड़ा फैसला है। 2006 के बाद से कई राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते अपने ज्यादातर निर्यातों में कटौती कर चुके हैं और तेल के आयात को सीमित कर लिया है।