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ईरान से तेल-गैस सहयोग बढ़ाने पर जोर देगा भारत

Sat, 16 Apr 2016 09:33 PM IST
एजेंसी/तेहरान
एजेंसी/तेहरान Updated Sat, 16 Apr 2016 09:33 PM IST
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Union External Affairs Minister Sushma Swaraj  reaches iran
Union External Affairs Minister Sushma Swaraj - फोटो : PTI

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर ईरान पहुंच गई हैं। इसके बाद वह एक दिन के लिए रूस की राजधानी मॉस्को भी जाएंगी। वह रविवार को तेहरान से मॉस्को जाएंगी, जहां वह आरआईसी (रूस, भारत और चीन) के विदेश मंत्रियों की सालाना बैठक में हिस्सा लेंगी। सुषमा के ईरान दौरे पर तेल का आयात बढ़ाने और दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने पर खासा जोर रहेगा। अंतरराष्ट्रीय पाबंदी हटने के बाद ईरान के साथ सहयोग के नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी बात होगी। पाबंदी हटने के बाद से किसी भारतीय मंत्री का यह पहला ईरान दौरा है।

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सुषमा के दौरे का प्रमुख मकसद ईरान में निवेश की संभावनाएं तलाशना भी है। जापान, चीन, अमेरिका और कई यूरोपीय देशों की नजर संसाधनों से भरपूर ईरान में है। सुषमा इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी से भी मिलेंगी।
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भारत की नजरें ईरान से तेल सहयोग बढ़ाने पर
भारत की नजर ईरान से ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर है। भारत पहले ही ईरान में 20 अरब डॉलर के निवेश कर रहा है। खास तौर पर तेल और गैस क्षेत्र के अलावा पेट्रोकेमिकल और उर्वरक क्षेत्र में वह अपना सहयोग बढ़ाना चाह रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के ईरान के धुर प्रतिद्वंद्वी सऊदी अरब के दौरे के बाद सुषमा का यह दौरा संतुलन साधने की कोशिश माना जा रहा है। भारत ईरान से करीब 12 लाख टन कच्चे तेल का आयात करता है।
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रूस में उठाएंगी भारतीय छात्रों की मौत का मुद्दा

ईरान रवाना होने से पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि रूसी अधिकारियों से बातचीत में वह आग की त्रासद घटना में दो भारतीयों की मौत और एक अन्य भारतीय की हत्या के मुद्दे को उठाएंगी। स्वराज ने एक के बाद एक कई ट्वीट में कहा, ‘मैं मॉस्को जा रही हूं। आग की त्रासद घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट मेरे एजेंडे में है, जिसमें हम लोगों ने पूजा कल्लूर और करिश्मा भोंसले को खो दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं श्रीनगर के भारतीय नागरिक यासिर का मुद्दा भी उठाऊंगी जिसकी कजान (रूस) में हत्या कर दी गई थी।’ आरआईसी बैठक में हिस्सा लेने के अलावा मास्को में उनके अपने रूसी समकक्ष सेर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की भी संभावना है। दो भारतीय छात्राओं की फरवरी में स्मोलेंस्क चिकित्सा अकादमी में लगी आग में मौत हो गई थी। वहीं पिछले महीने अज्ञात लोगों के हमले में एक कश्मीरी व्यवसायी की मौत हो गई थी।

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