तुर्की: आत्मघाती हमले में 2 सैनिकों की मौत
दक्षिण पूर्वी तुर्की में एक सैन्य
दियारबाकिर प्रांत के गवर्नर के दफ़्तर के मुताबिक ये धमाका लाइस कस्बे में हुआ। तुर्की ने शनिवार को उत्तरी इराक में कुर्द अलगाववादियों के एक कैंप पर हमला किया था।
ये साल 2012 में शांति प्रक्रिया शुरू होने के बाद पहला हमला था। अभी तक किसी समूह ने लाइस में हुए धमाके की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
'आईएस को रोकने में नाकाम'
कुर्दिश वर्कर्स पार्टी या पीकेके ने शनिवार को हुए हमले के बाद दो साल पुराना संघर्षविराम तोड़ने की धमकी दी है। पीकेके की सैन्य शाखा ने बुधवार को तुर्की के दो पुलिस अधिकारियों की हत्या कर दी थी।
उसका दावा है कि इन लोगों ने ख़ुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले संगठन से मिलकर सुरुच में धमाके करवाए थे। सुरुच में हुए आत्मघाती बम धमाके में 32 लोगों की मौत हो गई थी।
इनमें से ज़्यादातर छात्र थे जो सीरिया के कोबाने में राहत और मदद के लिए जाने वाले थे।इसके बाद अंकारा और इस्तांबुल में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए हैं।
हिंसा से बचें
अमेरिका ने दोनों पक्षों से कहा है कि वो हिंसा से बचें लेकिन इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि तुर्की को कुर्द विद्रोहियों से ख़ुद को बचाने का अधिकार है।
बीबीसी के तुर्की संवाददाता मार्क लोवेन के मुताबिक कुर्दों का कहना है कि तुर्की सरकार आईएस को रोकने में नाकाम रही है क्योंकि वो आईएस को अपने कुर्द दुश्मन पीकेके के ख़िलाफ़ उपयोगी हथियार के तौर पर देखती है।