ट्रंप का भारत से लगाव, मोदी से समानता
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डॉनल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान में सबसे ज्यादा चंदा देने वालों में भारतीय मूल के अमेरिकी उद्योगपति और रिपब्लिकन हिंदू कोलिशन के संस्थापक शलभ कुमार डॉनल्ड भी हैं। इस साल नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी ने डॉनल्ड ट्रंप को अपना उम्मीदवार चुन लिया है। शलभ या शल्ली कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी करीबी माने जाते हैं। पिछले हफ्ते उनकी डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई। वे डॉनल्ड ट्रम्प का समर्थन क्यों कर रहे हैं और ट्रंप खासतौर पर भारत, पाकिस्तान के बारे में क्या सोचते हैं? बीबीसी ने उनसे बात की।
ट्रम्प में क्या खास बात दिखी आपको? वे कोई पारंपरिक राजनेता नहीं हैं। वे एक बिजनेसमैन हैं। नेता बोलते कुछ हैं करते कुछ हैं, लेकिन ट्रंप में ऐसी कोई बात नहीं है। मैं जब उनसे मिला तो लगा ही नहीं कि किसी नेता से बात कर रहा हूं। ऐसा लग रहा था जैसे फोर्ड या जनरल मोटर्स के सीईओ से बात कर रहा हूं। डॉन्लड ट्रंप भारत को किस नजरिए से देखते हैं? उनका मानना है कि भारत और अमेरिका दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और इन दोनों देशों को सबसे मजबूत साथी होना चाहिए। आपकी उनसे पाकिस्तान के बारे में क्या बात हुई?
हमारी कंपनी में बहुत से पाकिस्तानी-अमेरिकी काम करते हैं। वे भी वही चाहते हैं जो भारतीय-अमेरिकी चाहते हैं। उन्हें भी संपन्नता चाहिए, आईफोन और ऐसी चीजे चाहिए। वे चरमपंथ के बारे में नहीं सोचते। लेकिन पाकिस्तान की सरकार की सोच अलग है। ये तो आपकी राय है। लेकिन ट्रम्प ने इस बारे में क्या कहा? पाकिस्तान को वो भरोसेमंद साथी नहीं समझते। पाकिस्तान में बदलाव आना चाहिए।
मोदी और ट्रंप में खूब बनेगी
मुसलमानों के अमरीका में प्रवेश पर पाबंदी लगाने के बारे में क्या बात हुई? ट्रंप ने बताया कि उनके बयान को गलत समझा गया है। उनका बयान केवल धर्म के बारे में नहीं है। इस्लाम में जिन नियमों को माना जा रहे है उसमें बदलाव होना चाहिए। जैसे कि मदरसे नहीं बनाए जाने चाहिए, लोगों को आईफोन (तकनीक) की जानकारी देनी चाहिए।
क्या अमेरीका में वे हिंदू समुदाय को इसलिए अच्छे लग रहे हैं कि उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई की बात की? वो ऐसे पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने ये स्वीकार किया कि इस्लामिक चरमपंथ को वहीं पर खत्म करना चाहिए जहां से वो शुरू होता है। इसलिए लोगों को वो अच्छे लगते हैं।
आप मोदी के करीबी माने जाते हैं। क्या मोदी और ट्रंप में बनेगी? मोदी और ट्रंप में खूब बनेगी क्योंकि मोदी का दिमाग भी बिजनेसमैन की तरह काम करता है। उनका चुनावी घोषणा पत्र रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र से मिलता-जुलता है। दोनों का व्यक्तिक्व एक जैसा है। ये दोनों मजबूत दक्षिणपंथी माने जाते हैं और आपका दोनों से लगाव है, ऐसा क्यों? क्योंकि ये दोनों समस्याओं को हल करेंगे, ना कि केवल समस्याओं पर बात करेंगे।