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इजरायल-ईरान की लड़ाई के इतिहास से जुड़े तीन बड़े सवाल

Sat, 12 May 2018 03:39 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Sat, 12 May 2018 03:39 PM IST
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Three big questions related to the history of Israeli-Iran war

सीरिया में ईरानी ठिकानों पर इजरायल की बमबारी के बाद ये आशंकाएं बढ़ गई हैं कि दो पुराने दुश्मनों के बीच हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं।इजरायल और ईरान के बीच जो हो रहा है, उसका अपना एक इतिहास है। ये हालात क्यों और कैसे बने, बीबीसी ने अपने पाठकों को तीन सवालों के जरिये यह समझाने की कोशिश की है।

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क्या इजरायल और ईरान दुश्मन देश हैं?
साल 1979 में ईरान की क्रांति ने कट्टरपंथियों को सत्ता में आने का मौका दिया और तभी से ईरानी नेता इजरायल को मिटाने की बात करते रहे हैं।ईरान, इजरायल के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता है और उसका कहना है कि इजरायल ने मुसलमानों की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है।दूसरी तरफ, इजरायल भी ईरान को एक खतरे के तौर पर देखता है। उसने हमेशा ही ये कहा है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। मध्य-पूर्व में ईरान के बढ़ते असर से भी इजरायल के नेताओं की चिंताएं बढ़ जाती हैं।
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इजरायल-ईरान विवाद से सीरिया का क्या लेना-देना?
साल 2011 से ही सीरिया में जंग की स्थिति बनी हुई है और इजरायल बेचैनी से इसे देखता रहा है। सीरिया में बशर अल असद की सरकार और उनका विरोध कर रहे विद्रोही लड़ाकों के बीच चल रहे संघर्ष से इजरायल ने दूरी बनाए रखी। लेकिन, सीरिया में ईरान बशर अल असद की हुकूमत का समर्थन करता है। वो विद्रोहियों से सरकार की लड़ाई में बशर अल-असद का मदद कर रहा है।
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ईरान ने वहां अपने हजारों लड़ाके और सैनिक सलाहकार भेजे हैं। इजरायल को इस बात की भी चिंता है कि ईरान गुप-चुप तरीके से लेबनान में विद्रोहियों को हथियार दे रहा है। लेबनान इजरायल का पड़ोसी देश है जिससे वो खतरा महसूस करता है। इजरायल ने बार-बार ये कहा है कि वो सीरिया में ईरान को सैनिक अड्डे बनाने नहीं देगा जिनका इस्तेमाल उसके खिलाफ किया जा सकता है।


इसलिए सीरिया में जैसे-जैसे ईरान की मौजूदगी बढ़ रही है, वैसे-वैसे ईरानी ठिकानों पर इजरायल के हमले भी तेज होते जा रहे हैं।

क्या ईरान और इजरायल के बीच कभी जंग हुई है?
नहीं। लेकिन ईरान उन गुटों का लंबे समय से समर्थन करता रहा है जो इजरायल को निशाना बनाते हैं। जैसे हिज्बुल्ला और फलस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास।अगर कभी दोनों मुल्कों के बीच लड़ाई हुई तो दोनों ही पक्षों के लिए ये बड़े पैमाने पर बर्बादी की वजह बनेगी। ईरान के पास लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम मिसाइलों का बड़ा जखीरा है और इजरायल की सरहदों पर भारी असलहों से लैस उसके सहयोगी।

इजरायल के पास भी एक ताकतवर सेना है और माना जाता है कि उसके पास परमाणु हथियार भी हैं। इजरायल को संयुक्त राष्ट्र का भी जबर्दस्त समर्थन हासिल है।

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