{"_id":"217ee2f8-443e-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"thousands-took-to-the-streets-in-egypt","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिस्र की सड़कों पर उतरे हज़ारों प्रदर्शकारी","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"बाकी दुनिया","slug":"rest-of-world"}}
मिस्र की सड़कों पर उतरे हज़ारों प्रदर्शकारी
Updated Wed, 12 Dec 2012 02:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिस्र में शनिवार को जनमत संग्रह से पहले विभिन्न प्रतिस्पर्धी रैलियाँ आयोजित हो रही हैं और राजधानी काहिरा की सड़कों पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।
विज्ञापन
विपक्षी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन के बाहर एक अवरोध को भेद दिया है लेकिन किसी हिंसा का कोई समाचार नहीं है।
राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी ने सेना से कहा है कि वो सुऱक्षा को बनाए रखे।
राजनीतिक उथल-पुथल को कारण बताते हुए मिस्र ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कहा है कि वो उसे करीब पाँच अरब डॉलर के ऋण को देने में देरी करे।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने मिस्र से कहा है कि वो उसे लगातार समर्थन देता रहेगा।
फरवरी 2011 में पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को हटाए जाने के बाद से मचे राजनीतिक हलचल के कारण मिस्र की अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ा है।
उधर राष्ट्रपति भवन के बाहर विपक्षी दलों की चार रैलियाँ आपस में मिलेंगी।
इस कारण पूरे इलाके के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई सौ सुरक्षाकर्मी राष्ट्रपति भवन के बाहर तैनात हैं।
विपक्षी प्रदर्शनकारी अस्थायी रूप से खड़ी की गई एक दीवार को पार कर गए हैं लेकिन वहीं मौजूद बीबीसी के जॉर्ज अलागाया कहते हैं कि रिपब्लिकन गार्ड ने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों में सहायता की। अभी भी हज़ारों लोग राष्ट्रपति भवन के अहाते में मौजूद हैं।
विज्ञापन
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक हालाँकि सेना को गिरफ्तारी के अधिकार दिए गए हैं, अभी तक सेना ने इन अधिकारों का प्रयोग नहीं किया है।
उधर राष्ट्रपति मोर्सी के समर्थक तहरीर स्क्वेयर में जुटने शुरू हो गए हैं।
मिस्र के दूसरे शहरों में भी प्रदर्शनों की तैयारी हो रही है।
उधर सेना प्रमुख ने मामले के हल के लिए बातचीत का आह्वाहन किया है।
गुस्सा
मंगलवार सुबह केंद्रीय काहिरा में विपक्षी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से कम से कम नौ प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
गौरतलब है कि विपक्ष की मांग है कि शनिवार को नए संविधान के प्रारूप पर होने वाले जनमत संग्रह को रोका जाए। उनका आरोप है कि नए संविधान में मानवाधिकारों को सही तौर पर संरक्षण नहीं मिला है औऱ महिलाओं के अधिकारों की रक्षा नहीं की गई है।
विज्ञापन
राष्ट्रपति मोर्सी ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश तो की है लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाए हैं।
राष्ट्रीय समाचार एजेंसी मेना न्यूज एजेंसी के मुताबिक शनिवार को राष्ट्रीय छुट्टी की घोषणा की गई है ताकि राज्य कर्मचारी जनमत संग्रह में हिस्सा ले सकें।